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ग्रामीणों ने की जर्जर उपकरण ठीक कराकर विद्युत आपूर्ति की मांग

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लगभग 10 हजार कि लोमीटर के परिक्षेत्र में लगे जर्जर उपकरणों के जवाब देते ही अघोषित विद्युत कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। विद्युत कटौती जिले में पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है। विद्युत कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने जर्जर विद्युत उपकरणों को ठीक कराकर आपूर्ति बहाली की मांग की है। कहा है अगर बदलवाकर समस्या का समाधान नहीं कराया तो क्षेत्रीय लोग विरोध-प्रदर्शन करेंगे। वहिदानगर उपकेंद्र से संचालित नया अरता फीडर के चंदापुर, दरवांसी, रजमला, गोधना, सुधवैं, मैलौना के राजेंद्र कुमार, पवन, प्रदीप, विनोद ने बताया कि एक सप्ताह से मात्र तीन-चार घंटे की आपूर्ति मिल रही है। लो वोल्टेज होने के कारण न पेयजल संसाधन चल रहे हैं ना घरों में प्रकाश ही मिल रहा। लालानगर, गिराई, सेमराधनाथ, सीतामढ़ी, चकापुर-औराई, रमईपुर, मिश्राइनपुर, अकोढ़ा, पाली, दुर्गागंज, फत्तूपुर, घोसिया के उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई कि विभाग बकाए की वसूली के लिए अभियान चलाकर कनेक्शन कटवाए जा रहे हैं लेकिन उपकरणों को बदलवाने और शार्टसर्किट को बढ़ावा दे रहे जंगली झुरमुटों की ओर कोई ध्यान नहीं है। उर्मिला देवी, सोनम, कविता देवी, जगनंदनी, प्रतिमा देवी ने कहा कि वर्तमान समय में बिजली जन-जन की जरुरत बन चुकी है और उपकरण जवाब दे रहे हैं। दो दशक पूर्व लगे उपकरणों को बदलवाने पर ही समस्या से मुक्ति मिलेगी। कोइरौना, बसही, ऊंज, कुरमैचा, सुभाषनगर, केवटाही, बारीपुर के लालमणि, राजेंद्र बहादुर, राकेश कुमार, राजनारायण, रामउजागिर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के रोस्टर में रोड़ा बन रही सौभाग्य योजना का यदि भार कम करा दिया जाए तो 70 फीसद समस्या अपनेआप दूर हो जाएगी। क्योंकि दशक पूर्व स्थापित उपकेंद्र अतिरिक्त भार उठाने में अक्षम हो चुके हैं और उन्हीं से राजमार्ग को भी जोड़ देना मुश्किले बढ़ा रहा है। अधिशासी अभियंता ज्ञानपुर मनोज कुमार ने कहा कि जर्जर तार और खंभे बदलने के लिए सर्वे कार्य अंतिम चरण में है। तीन में माह व्यवस्था बदली नजर आएगी। झुरमुटों की सफाई के लिए उपकेंद्र वार निर्देश दिया है।
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