फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhadohi News: हवाईपट्टी अतिक्रमण का शिकार, अफसर लाचार

विज्ञापन
औराई के उगापुर हवाईपट्टी रनवे पर अतिक्रमण। संवाद - फोटो : BHADOHI
विज्ञापन
ज्ञानपुर। अंग्रेजी हुकूमत में करीब पांच हजार एकड़ में बने उगापुर हवाई पट्टी आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। हवाईपट्टी की 50 फीसदी से अधिक जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा हो चुका है। पांच साल पूर्व उड्डयन विभाग के अफसरों ने अतिक्रमण हटवाकर चहारदीवारी बनवाई लेकिन उसके बाद फिर कब्जा हो गया। तहसील से लेकर जिला प्रशासन और उड्ड्यन विभाग भी संजीदा नहीं है। आजादी से पूर्व 1942 में अंग्रेजी सरकार ने सामानों को ढोने के लिए औराई से सटे उगापुर गांव में हवाईपट्टी का निर्माण कराया। करीब पांच हजार एकड़ में बनी हवाईपट्टी ढाई किमी लंबा और 55 मीटर चौड़ा था। उस दौरान माधोसिंह स्टेशन से हवाईपट्टी तक आठ किमी लंबी रेल लाइन भी बिछ़ी। जहां हर रोज हवाईपट्टी के निर्माण से संबधित सामग्री और माल आदि आया जाया करता था। करीब पांच साल तक मालवाहक एवं सामान्य जहाज यहां उतरते लेकिन देश की आजादी के बाद उक्त हवाईपट्टी पर दो हवाई जहाज उड़ान नहीं भर सके। अंग्रेजी अफसरों ने विमान का आयल निकालकर उसे आग के हवाले कर दिया। जिसका मलवा वर्षों तक हवाई अड्डा पर ही पड़ा रहा। बाद में उड्डयन विभाग उक्त मलवे को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। उसी दौरान हवाई पट्टी से कुछ दूर शुकुलपुर चकबीरा, नकटापुर और गरौली गांव में सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों के लिए आवास भी बने लेकिन वह भी खंडहर बन चुके हैं। सरकार की नजरे इनायत हो तो हवाईपट्टी चलने के बाद कालीन नगरी की तस्वीर बदल सकती है। जिले के अलावा मिर्जापुर के कालीन निर्यातकों का माल निर्यात विदेशों में किया जा सकता है। करीब दो से तीन दशक पूर्व से हवाईपट्टी की जमीन पर अतिक्रमण हो गया है। आसपास के ग्रामीणों ने हवाईपट्टी पर जहां उपली पाथ रहे हैं वहीं अन्य जमीन पर आवास आदि बना लिए हैं। सात साल पूर्व उड्डयन विभाग के अफसरों ने हवाईपट्टी की जमीन को चहारदीवारी बनाकर सुरक्षित किया लेकिन उनके जाने के बाद दुबारा अतिक्रमण हो गया।
विज्ञापन

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि हवाईपट्टी जिले की राजकीय संपति है। भौगोलिक स्थिति की रिपोर्ट औराई तहसील से लेकर 15 दिनों में मुक्त कराने की कार्ययोजना बनेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें