गोपीगंज। कूटरचित दस्तावेज तैयार करके अपने पक्ष में फैसला कराने और पीड़ित की जमीन को आबादी घोषित कराने के आरोप में चार चचेरे भाईयों पर प्राथमिकी दर्ज की गई। एडीजी जोन वाराणसी के निर्देश पर गोपीगंज कोतवाली में चारों आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज करके पुलिस ने जांच शुरू की है। कोतवाली के चहरपुर निवासी रत्नेश सिंह ने बताया कि उनके दादा राजपति तीन भाई थे। चार साल पहले उनका निधन हो गया। उनकी पुश्तैनी जमीन तीन बीघा नौ बिस्वा में उनके दादा का एक तिहाई एक बीघा तीन बिस्वा हिस्सा था। तीनों दादा को बराबर का हिस्सा मिला था। उनके दादा ने कोर्ट में एक दीवानी वाद दाखिल किया था। बड़े दादा के बेटे विजेंद्र, नागेंद्र, राधेश्याम व राजेंद्र प्रसाद ने कूटरचित नोटरी तैयार करके दीवानी न्यायालय में चल रहे मुकदमे का फैसला अपने पक्ष में करा लिया। इसमें उनके हिस्से की जमीन को आबादी घोषित करा दिया गया। प्रभारी निरीक्षक शैलेश राय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करके जांच की जा रही है।