पुरस्कार पाने के बाद अधिकारियों संग खड़ी शतरंज खेलने वाली छात्राएं। स्रोत: सूचना विभाग
- फोटो : बहराइच में रोडवेज के पास पेट्रोल भराने के लिए लगी लाइन।
ज्ञानपुर। शतरंज में कजाकिस्तान में भारत का प्रतिनिधित्व करके लौटी कंपोजिट विद्यालय धनापुर की बेटियों को सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सम्मानित किया गया। डीएम शैलेष कुमार ने छात्राओं को घड़ी और चॉकलेट उपहार में दिया गया। चारों बेटियां वंशिका मौर्य, सुनैना, आराधना कुमारी और काजल 22 अप्रैल से सीतापुर में होने वाली राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगी। सभी को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया। डीएम ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली इन छात्राओं ने अपनी लगन, अनुशासन और अथक परिश्रम से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में इन बच्चियों ने आठ राउंड मुकाबले खेले और आठ अलग-अलग देशों की टीमों से शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि उज्बेकिस्तान और सिंगापुर जैसी मजबूत टीमों को ड्रॉ पर रोककर उन्होंने अपनी क्षमता का लोहा मनवाया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा है और साबित करती है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। इस मौके पर बीएसए शिवम पांडेय रहे।