कहा कि जिस तरह वाल्मिकी जी ने महान कवि के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की, उसी तरह अपनी कमियों को दूर कर महान बनने का अवसर प्राप्त करना चाहिए।
रविकांत भारती ने कुपोषण, स्वच्छता और गरीबी से ऊपर उठने की सलाह दी। इसके पूर्व पदाधिकारियों के साथ वनवासी बस्ती के बच्चों ने वाल्मिकी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस मौके पर नीरज रावत, मंजुला, अंजू, रिंकू, सुरेंद्र, आशीष, चंद्रेश राय आदि मौजूद रहे।