नगर का ऐतिहासिक भरत मिलाप बुधवार की रात परंपरागत तरीके से संपन्न हो गया। चारों भाइयों का मिलन देख दीर्घा में मौजूद दर्शकों की आंखें भर आईं। रात भर आकर्षक लाग विमान और झाकियां निकलती रहीं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। भरत मिलाप में पुरानी बाजार के मुस्लिम भाइयों ने बढ़-चढ़कर शिरकत कर गंगा- जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
मुख्य अतिथि ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र और जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से राजापार्क स्थित कंट्रोल रूम में फीता काटकर और काशी नरेश की प्रतिमा पर 51 किलो की माला पहनाकर भरत मिलाप का उद्घाटन किया।
इस मौके पर विधायक ने कहा कि भरत मिलाप हमें यह संदेश देता है कि मन की सभी बुराइयों को निकालकर दोबारा गले मिलें। जिलाधिकारी ने राम चरित मानस की चौपाई के माध्यम से लोगों को पर्व का महत्व समझाया। इसके बाद विभिन्न जिलों के कलाकारों की ओर से बनी आकर्षक झांकी और लाग विमान निकाले गए। लाग विमान लखनो तिराहा, दुर्गागंज रोड, गिरधरपुर, बालीपुर, पुलिस लाइन, हॉस्टल चौराहा, पुरानी बाजार, प्रोफेसर कॉलोनी होते हुए राजापार्क तक पहुंचा। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और सीता जैसे ही पहुंचे, वहां पहले से इंतजार कर रहे भरत और शत्रुघ्न दोनों भाइयों से गले मिले। चारों भाइयों के मिलन दौरान समूचा कार्यक्रम स्थल जयश्रीराम के जयकारे गूंज उठा।
पुष्पवर्षा कर लोगों ने खुशी जताई। मुख्य अतिथियों ने गौरीशंकर मोदनवाल, सगीर हसन, अरविंद भट्टाचार्य, कृष्णावतार त्रिपाठी, मेवालाल यादव समेत एसडीएम, सीओ और कोतवाली प्रभारी आदि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से तेगा सिंह, वंशीधर गुप्ता, विजय बिंद, ब्रह्मजीत शुक्ल, रतन जायसवाल, श्याम प्रकाश समेत कई लोग मौजूद रहे।