ज्ञानपुर। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद 452 शिक्षकों के पदोन्नति की काउंसलिंग सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। कुछ शिक्षकों के विरोध के चलते बीएसए दफ्तर पर दिनभर हंगामे का माहौल रहा।
दोपहर बाद फोर्स पहुंचने के बाद भी काउंसलिग नहीं शुरू हुई। इससे दूर दराज से आए नाराज शिक्षक धरने पर बैठ गए। सूचना पर एडीएम रमाशंकर यादव, सीओ पहुंच गए। एडीएम ने 30 दिसंबर को काउंसलिंग का लिखित आश्वासन दिया तब शिक्षकों ने धरने को समाप्त किया।
करीब एक साल के इंतजार के बाद सोमवार को बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों की काउंसलिंग की तिथि तय की गई थी। पूर्वाह्न 10 बजे से बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ।
खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञानपुर केडी पांडेय और अभोली अनिल सिंह के देखरेख में 452 शिक्षकों में महिला विकलांग शिक्षकों की काउंसलिंग की तैयारी की गई। इस दौरान दिसंबर माह में ज्वाइन करने वाले करीब 170 शिक्षकों ने विरोध जताते हुए काउंसलिंग को रोक दिया।
चार घंटे तक काउंसलिंग न होने पर मामले की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। कोतवाली प्रभारी ज्ञानपुर रमेश पांडेय मयफोर्स पहुंचे। समझाने के बाद भी शिक्षक नहीं माने तो पदोन्नति के लिए आए शिक्षक धरने पर बैठ गए। स्थिति बिगड़ते देख एडीएम रमाशंकर यादव और सीओ ज्ञानपुर जितेंद्र दूबे भी बीएसए कार्यालय पहुंचे।
अफसरों ने शिक्षकों को समझाया लेकिन वे नहीं माने। एडीएम ने 30 दिसंबर को दुबारा काउंसलिंग के लिए लिखित आश्वासन दिया तब शिक्षक माने। अपर जिलाधिकारी रमाशंकर यादव ने कहा कि विरोध कर रहे 170 शिक्षकों को एक सप्ताह का समय दिया गया है।
30 दिसंबर को विरोध करने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ के संयोजक धीरज सिंह ने कहा कि 30 दिसंबर को शिक्षकों की काउंसलिंग नहीं शुरू हुआ तो वह आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने विभाग को चेतावनी दी कि अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।