जौनपुर। जिले में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए अक्तूबर से विशेष अभियान चलाकर सफाई, फॉगिंग, दवा छिड़काव करने का दावा किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ ग्राम पंचायतों को भी इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जिले में 80 पीएचसी, 22 सीएचसी और 629 जन आरोग्य मंदिर हैं। स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास गंदगी, कूड़े के ढेर और उगी घास अभियान की जमीनी हकीकत बयां कर रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम रविवार को हकीकत जानने के लिए तो पता चला कि सीएचसी मड़ियाहूं के मुख्य गेट के पास ही कूड़ा फैला मिला। गांवों में फॉगिंग भी नहीं हो रही है। ऐसे में सवाल है कि जब स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति ही ऐसी है तो गांवों और कस्बों में संचारी रोग नियंत्रण अभियान कितना प्रभावी होगा।
दृश्य 1
सीएचसी मड़ियाहूं के मुख्य गेट के पास कूड़े का ढेर
मड़ियाहूं। स्वास्थ्य विभाग अक्टूबर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाकर सफाई, दवाओं के छिड़काव और फॉगिंग करने का दावा कर रहा है। वहीं, सीएचसी के मुख्य गेट के बगल में ही कूड़े का ढेर लगा है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। इससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका है।
दृश्य 2
अस्पताल परिसर में उगी घास, गांवों में धूल फांक रही फॉगिंग मशीन
खुटहन। संचारी रोग नियंत्रण के लिए चलाया जा रहा अभियान सिर्फ बैठकों और कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। अस्पताल परिसर में चारों ओर घास उगी है। इससे दिन में भी मच्छर से मरीज व तीमारदार परेशान हैं। गांवों में फॉगिंग के लिए दो मशीनें दी गई हैं। जो प्रधान के पास रखी है। उसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
दृश्य 3
सीएचसी के आसपास कूड़ा, बैठकों तक सिमटा अभियान
सुइथाकलां। संचारी रोग नियंत्रण अभियान की जमीनी हकीकत सीएचसी सुईथाकलां में देखने को मिली। अस्पताल के आसपास कूड़े का ढेर लगा है। अस्पताल में इलाज कराने आए अखिल कुमार गुप्ता ने कहा कि फॉगिंग और एंटी लार्विसाइड के छिड़काव के बजाय अभियान बैठकों और कागजी रिपोर्ट तक सीमित है।
यहां भी फैला रहा कूड़ा
पीएचसी सिंगरामऊ में जगह-जगह जमे कूड़े-कचरे के ढेर से संक्रामक बीमारी फैलने का डर बना है।
बदलापुर में सीएचसी सहित कस्बे में कई स्थानों पर गंदगी का अंबार है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।
संचारी रोग नियंत्रण सिर्फ कागजों पर चलता है। प्रधानों को दी गई फागिंग मशीन का उपयोग कभी नहीं किया जाता है। नालियां कूड़े से जाम हो गई हैं। इस कारण मच्छरों तथा कीड़ों का प्रकोप बढ़ गया है। लोग मलेरिया और डेंगू से ग्रसित हो रहे हैं। - नवीन शर्मा, पिलकिछा
संचारी रोगों से बचाव के लिए अभियान चलाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जब स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास ही गंदगी और कूड़ा जमा रहेगा तो लोगों को बीमारी से कैसे बचाया जा सकेगा। पहले अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई, फॉगिंग और दवा का छिड़काव सुनिश्चित होना चाहिए। - दीपक सिंह सुबाषपुर
सफाई कर्मियों की समस्या है। हालांकि डीपीआरओ और संबंधित ईओ से इस संबंध में वार्ता हुई है। सूची तैयार करके दी जाएगी, जिसके बाद सभी स्थानों पर अभियान के तहत सफाई कराई जाएगी।
- डॉ. गंगा राम गौतम, सीएमओ