लालानगर। पूर्वोत्तर रेलवे के मडुआडीह-रामबाग रुट के ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर रविवार को यात्रियों को उस समय लगभग तीन घंटे तक हलकान होना पड़ा जब अप लिच्छवी एक्सप्रेस का इंजन फेल हो गया। वाराणसी से दूसरा इंजन आने के बाद ही ट्रेन नईदिल्ली की ओर रवाना हो सकी।
प्रतिदिन की तरह लिच्छवी एक्सप्रेस बिहार से चलकर 4.35 बजे ज्ञानपुररोड स्टेशन पहुंची और स्टार्टर सिग्नल मिलने से ट्रेन प्रयागराज की ओर रवाना भी हुई। स्टेशन के पश्चिमी छोर स्थित आनापुर गेट के पास पहुंचने पर चालक दल को इंजन खराबी का संकेत मिल गया। स्टेशन अधीक्षक को जानकारी देने पर एक्सप्रेस को पुन:बैक करते हुए उसी प्लेटफार्म नंबर दो पर लाकर खड़ी कर दिया गया जहां से वह प्रयागराज के लिए रवाना हुई थी। इंजन फेल होने की भनक मिलते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई और समय बिताने की चिंता शुरु हुई। असहनीय गर्मी से परेशान यात्री प्लेटफार्म पर उतर कर इधर-उधर घूमने लगे। प्यास से व्याकुल महिला-पुरुष, बच्चे सूखी टोटियों से पानी लेने का प्रयास किया जिन्हें एक बूंद तक पानी नहीं मिला। एकमात्र पैदल पुल होने के चलते ट्रैक पार कर प्लेटफार्म नंबर एक पर जाना पड़ा। चिंता रही कि अभी दो माह पूर्व ही मंडलीय अधिकारियों के साथ रेल विकास निगम ने माधोसिंह से ज्ञानपुररोड स्टेशन तक दोहरीकरण का कार्य पूरा कराकर यात्री सुविधाओं का दावा किया था। हजारों रुपये खर्च कर बनाए गए पेयजल स्टैंड और उसमें लगी टोटियां पूरी तरह से सूखी होने का मलाल यात्रियों को भड़काने का काम किया। जबकि अप से आने वाली ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर दो और डाउन के ट्रेन को एक नंबर प्लेटफार्म पर ठहराव की सुविधा मिली है। स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह ने बताया कि कंट्रोलर को इंजन फेल होने की जानकारी दी गई जिस पर ढाई घंटे बाद ही दूसरा इंजन आ सका और आधे घंटे तक शंटिंग में समय लगने से तीन घंटे बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हो सकी।