चुनाव खत्म होने के बाद प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा विभाग यूपी बोर्ड परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने में जुट गया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए बनाए गए 105 परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों को दिशा-निर्देश जारी कर व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने के लिए कहा गया है। परीक्षा में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए जिले को तीन जोन और 14 सेक्टरों में बांटा गया है। तीनों जोन की जिम्मेदारी तीनों एसडीएम को दी गई है। नकल माफिया को रोकने का पुख्ता प्रबंध करने का दावा शिक्ष्ाा विभ्ााग द्वारा किया जा रहा है। उधर, छात्र-छात्राएं इन पढ़ाई में जुटे हुए हैं। चुनाव और होली के बाद अब उनका पूरा ध्यान पढ़ाई पर ही है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की दो साल में बोर्ड परीक्षा होती है। वर्ष 2017 की बोर्ड परीक्षा चुनाव के चलते 16 मार्च से शुरू हो रही है। 11 मार्च को मतगणना खत्म होने के बाद प्रशासनिक अफसरों और शिक्षा विभाग के अधिकारी बोर्ड परीक्षा की तैयारी का अंतिम खाका खींच चुके हैं। बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल में संस्थागत बालक 16 हजार 36 और बालिका 15062 जबकि व्यक्तिगत बालक 302 और बालिका 98 समेत 31 हजार 498 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
इसी तरह इंटरमीडिएट में बालक 12 हजार 162 और बालिकाएं 13008 समेत 26 हजार 572 परीक्षार्थी होंगे। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में कुल 58 हजार छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे। जिले के 105 परीक्षा केंद्रों पर 16 मार्च से परीक्षा शुरू हो जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले को तीन जोन और 14 सेक्टर में बांटा गया है। निगरानी के लिए चार सचल दस्ते बनाए गए हैं। माध्यमिक और बेसिक शिक्षा को मिलाकर 2833 परीक्षा केंद्रों पर रहेंगे। इस साल बनाए गए चार केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापकों के अलावा अलग से पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।