ज्ञानपुर। दिवाली का पावन पर्व इस साल कई शुभ संयोग लेकर आया है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो करीब 70 साल बाद राजयोग, बुधादित्य योग, आदित्य मंगल योग और कलानिधि योग बन रहा है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। ये सब योग सुख शांति के प्रतीक हैं। इस साल अमावस्या भी दो दिन पड़ रही है। प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन शुभ माना जाता है। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दिवाली मनाई जाती है। दिवाली का पावन पर्व प्रकाशोत्सव के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन प्रभु श्रीराम लंका पर विजय पाने के बाद 14 वर्ष का वनवास पूरा कर घर लौटे थे। इसके उपलक्ष्य से देशभर में दीपोत्सव का महाउत्सव मनाया जाता है। इस साल दिवाली पर उत्तम संयोग बन रहा है। सुजातपुर निवासी आचार्य राजन पांडेय ने बताया कि इस बार दिवाली पर हंस राजयोग, बुधादित्य योग, आदित्य मंगल योग और कलानिधि योग के निर्माण के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। सिद्धि योग बनने से गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में रहेंगे। साथ ही सूर्य और बुद्ध की युति से बुधादित्य योग बन रहा है। इससे पहले यह संयोग 1955-56 में बना था। बताया कि पंचांग के अनुसार दिवाली सोमवार को है। सोमवार को 3:42 बजे के बाद से अमावस्या पड़ रही है, जो मंगलवार को दिन में 5:52 बजे समाप्त हो रही है।