ज्ञानपुर। जिले के सबसे अधिक ओपीडी वाली गोपीगंज सीएचसी में दो महीने से रखी अल्ट्रासाउंड मशीन इंस्टाॅल होने के बाद भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सोनोलॉजिस्ट न होने से मशीन का संचालन अटका हुआ है। वर्तमान में सोनोलॉजिस्ट की तैनाती महाकुंभ में लगा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सोनोलॉजिस्ट के लौटने पर ही अल्ट्रासाउंड संचालित हो सकेगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज वाराणसी प्रयागराज हाईवे के किनारे है। यहां प्रतिदिन 250 से 300 की ओपीडी होती है। इसमें से 30 से 35 गर्भवती महिलाओं की ओपीडी होती है। जिन्हें जरूरत पड़ने पर चिकित्सक अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं, लेकिन सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें निजी सेंटरों का रुख करना पड़ता है। जिसके लिए उन्हें 500 से 600 का अतिरिक्त भुगतान करना होता है। बीते दिसंबर माह में शासन स्तर से गोपीगंज सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की एक मशीन भेजी गई थी। जिसके बाद उसके इंस्टाॅलेशन को लेकर मामला अटका हुआ था। हालांकि विभागीय प्रयासों से अब मशीन इंस्टाॅल तो कर दिया गया है, लेकिन अब भी उसका संचालन नहीं हो पा रहा है। विभाग के अनुसार मशीन के संचालन के लिए सोनोलॉजिस्ट की तैनाती होती है। जिस सोनोलॉजिस्ट को वहां तैनाती की जानी है। उसकी ड्यूटी कुंभ में लगी हुई है। वहां से लौटने के बाद उसे वहां तैनात किया जाएगा। जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
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इनसेट:
जिला अस्पताल में मार्च 2024 से खराब है मशीन :
ज्ञानपुर। जिला अस्पताल का अल्ट्रासाउंड मशीन मार्च 2024 से ही खराब हुई है। जिसे अब तक नहीं दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। शासन स्तर से नई अल्ट्रासाउंड मशीन की मांग जिलाधिकारी और अस्पताल प्रशासन ने किया है, कहा कि गोपीगंज में अल्ट्रासाउंड शुरू कर दिया जाए, तो मरीजों को कुछ हद तक राहत मिल सकती।
वर्जन:
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन को इंस्टाॅल कर दिया गया है। मशीन के संचालन को सोनोलॉजिस्ट को तैनात किया जाना है, जो इस समय महाकुंभ में ड्यूटी दे रहा है। उसके लौटते ही मरीजों को इसका लाभ मिलने लगेगा। - डॉ. संतोष कुमार चक, सीएमओ, भदोही।