कोनिया क्षेत्र के भुर्रा गांव में गंगा के जलस्तर में हो रहे बढ़ाव पर किनारे पर हो रहा कटान।
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जिले में गंगा ने खतरे की घंटी बजा दी है। उफनाई गंगा के बढ़ते जल स्तर से गंगा के तटीय इलाके के लोगों की बेचैनी भी बढ़ा दी है। छेछुआ- भुर्रा गांव में कहीं-कहीं कटान भी शुरू हो गया है। चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जल स्तर सोमवार शाम 7 बजे तक केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर 75.640 मीटर दर्ज किया गया जो इस सीजन के सर्वाधिक तक पहुंच गया। 24 घंटे में जलस्तर में एक मीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
बाढ़ की दृष्टि से अति संवेदनशील कोनिया क्षेत्र के कई गावों में कटान की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ता है। क्षेत्र के छेछुआ, भुर्रा गावं में आंशिक कटान भी शुरू हो गया है जिसके कारण किसानो की परेसानी भी बढ़ गयी है। बारिस व अन्य नदियों के पानी से गंगा नदी के जल स्तर में पिछले चार दिनों से लगातार बृद्धि हो रही है। बढ़ते जल स्तर ने तटीय लोगो की नीद उड़ा दी है।
बीते माह गंगा का जल स्तर 75.220 मीटर तक पहुंच गया था। बाढ़ की स्थिति व कटान का अवलोकन करने के लिए जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान ने कटान प्रभावित गावों का दौरा भी किया था। तथा किसानो की समस्यों से अवगत हुए थे। लेकिन बाद में गंगा के जल स्तर में कमी आने से तटीय लोगों ने राहत की सांस ली थी। परंतु बीते चार दिनों से लगातार जल बृद्धि से लोगो की बेचैनी फिर बढ़ गयी है। बीते चौबीस घंटे में ही जल स्तर में लगभग एक मीटर की बृद्धि हो जाने से जल स्तर 75.640 मीटर तक पहुँच गया है। जो बीते वर्ष 2015 के 75.330 मीटर से भी अधिक हो चुका है। जल स्तर का बढ़ावा अभी भी लगातार जारी है। इसको लेकर लोगों की चिंताएं भी बढ़ने लगी है। छेछुआ और भुर्रा गांव के समीप उपजाऊ जमीन कटान की भेंट चढ़ने लगी है। स्थिति यह है कि गंगा का जलस्तर उड़िया बाबा के आश्रम के समीप तक पहुंच गया है।