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आग लगने से मरे मवेशी,दो लोग झुलसे

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डीघ के मैलोना गांव की नई बस्ती सूफीनगर में ग्रामसमाज की जमीन पर हो रहा कब्जा। - फोटो : BHADOHI
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घोसिया। औराई थानाक्षेत्र के गोरीडीह-अहरपुर गांव में शुक्रवार की रात रहस्यमय हालात में आग लगने से दो पालतू मवेशी और डेढ़ दर्जन मुर्गों की जलने से मौत हो गई। जबकि हजारों के घरेलू सामान राख हो गए। मवेशियों को बचाने के प्रयास में दो लोग झुलस गए। घायलों का उपचार निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। सूचना के बाद भी न फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंच सका। घटना के 12 घंटे बाद पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। इससे लोगों में रोष रहा।
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घटना के संबंध में बताया जाता है कि रेलवे लाइन के उत्तरी छोर पर स्थित गांव निवासी हरि विलास सरोज पुत्र धनपत सरोज रिहायशी पक्के मकान से सटकर पशुओं को रहने के लिए मड़हा बनाए हैं। इसमें प्रतिदिन की तरह वह पालतू पशुओं को बांधकर दरबे में मुर्गा-मुर्गी को बंद कर देते थे। देर रात मड़हे में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आए पशुओं की आवाज पर परिजन भी उठ गए, लेकिन जब तक वह बचाव का प्रयास करते तब तक दो भैंस, 18 मुर्गा-मुर्गी आग से जल कर दम तोड़ दिए। शोरगुल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। आनन-फानन में सूचना फायर ब्रिगेड और 112 नंबर पुलिस को देने के बावजूद वह मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे आग ने देखते ही देखते हजारों के सामान को भी जलाकर राख में बदल दिया। पशुओं को बचाने में हरिविलास सरोज (60) और रिंकू सरोज (20) गंभीर से झुलस गए। एक मवेशी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। आग की चपेट में धान, भूसा, चारपाई, बिस्तर भी आए, जिनकी कीमत हजारों में आंकी गई है। पशुपालन विभाग की दो सदस्यीय टीम ने प्रभारी तहसीलदार स्वामीनाथ सिंह के निर्देश पर दूसरे दिन दो बजे पहुंचकर लेखपाल जितेंद्र पटेल, राना डी आनंद, रामराज यादव के साथ निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। ग्राम प्रधान बेबी सिंह ने जिलाधिकारी से मुआवजे की मांग की। उधर आग लगने का कारण ज्ञात न हो पाने से पूरा परिवार भयभीत है।
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