ज्ञानपुर। लगभग एक माह विलंब से कृषि विभाग ने लगभग दौ सौ क्विंटल ढैंचा का बीज राजकीय गोदामों पर पहुंचा कर सोमवार से अनुदान पर वितरण की तैयारी कर लिया है। 55 रुपये प्रति किलोग्राम की दर निर्धारित कर सामान्य किसान को 50 और हरित क्रांति योजना में पंजीकृत किसानों में 99 फीसद अनुदान मिलेगा। किसान राजबहादुर सिंह, मो.वसीम, शिवराज, अरुण कुमार, सुशील सिंह, सीताराम, विकास नारायण ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया कि शासन से मिलने वाले आवंटन लक्ष्य में हुई देरी के कारण ढैंचा की बुआई पिछड़ी है। यदि अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक बीज मिला होता तो अब तक ढैंचा से बनने वाली हरी खाद का लाभ मिलता। दो बार हुई बेमौसमी बरसात से जुताई कराने का इंतजार समाप्त हो चुका है। अब महंगे दर पर सिंचाई कर ढैंचा की बुआई संभव हो सकती है। जबकि गत दिनों कृषि विज्ञान केंद्र के प्रसाद विशेषज्ञ डा.आरपी चौधरी आदि ने खरीफ मौसम की प्रमुख फसल धान का उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने के लिए हरी खाद को बेजोड़ बताया था। किसान भी रबी मौसम की गेहूं फसल की कटाई-मड़ाई कराकर खेतों की मेड़बंदी, खरपतवार को नष्ट करने तक तैयारी में लगे जिनके अरमानों पर विभाग ने पानी फेर दिया। जिला कृषि अधिकारी एके प्रजापति ने बताया कि गोदाम औराई, सरोई, सुरियावां और गोधना पर ढैंचा का बीच उपलब्ध कराया गया है। निर्धारित दर पर किसान अनुदान का लाभ ले सकते हैं। एचयूआर-917 प्रजाति का धान बीज 50 क्विंटल की प्रथम खेप घूरीपुर गोदाम पर अनलोड है। शीघ्र ही सियाट-01 प्रजाति का धान बीज दो दिन बाद उपलब्ध हो जाएगा।