कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से भागने वाली छात्राओं ने करीब सात से आठ पन्ने का पत्र अपने कमरे में छोड़कर भागी हैं। वार्डेन ने उक्त पत्र पुलिस को सौंपा। जिसमें छात्राओं ने लिखा है कि उनके माता-पिता काफी गरीब हैं। वह कमाने के लिए जा रही हैं। उनको खोजने के लिए परेशान न हो। कुछ दिन कमाने के बाद वह स्वत: लौट आएंगी। उक्त पत्र को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
सुरक्षा पर उठे सवाल, चौकीदार समेत कई पर कार्रवाई तय
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हरिचंदनपुर से दो छात्राओं के भागने की घटना ने आला अफसरों को सकते में डाल दिया, हालांकि 12 घंटे के अंदर दोनों को लखनऊ से बरामद कर लिया गया। उक्त घटना ने आवासीय विद्यालय के सुरक्षा पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। बच्चों को उनके माता-पिता वार्डेन और सुरक्षाकर्मियों के भरोसे वहां छोड़ते हैं, लेकिन इसके बाद उनका भाग जाना सुरक्षा में सेंध लगाने जैसा है। यहां की वार्डन मालती देवी छुट्टी पर चल रही हैं। उनके स्थान पर कल्पना देवी वार्डन के रूप में कार्य कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस का दावा है कि छात्राएं स्वयं गई हैं। भागने से पहले दोनों ने तीन से चार बार रेकी भी किया। रात में करीब दो बजे कमरे से छात्राएं निकलीं, लेकिन किसी को भनक नहीं लग सका। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि चौकीदार की बड़ी चूक है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।