लालानगर। कालीन नगरी के गंगा घाटों पर शव मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस क्रम में बृहस्पतिवार की सुबह रामपुर घाट पर गंगा में दो शवों के उतराए मिलने से सनसनी फैल गई। हालांकि सूचना के बाद भी दोनों शवों का निस्तारण नहीं हो सका। जिसको लेकर लोगों में नाराजगी दिखी। कोरोना की दूसरी लहर में मौत का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार न होने से बड़ी संख्या में लोग शव को गंगा में बहा दे रहे हैं। बिहार, गाजीपुर की तरह जिले में भी एक सप्ताह से शव मिलने का सिलसिला चल रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह गोपीगंज थानाक्षेत्र के रामपुर घाट पर दो शव मिले। दोनों शव घाट से कूछ दूरी पर क्षत विक्षत हाल में थे। आशंका जताई ज रही है कि प्रयागराज जिले के किसी गांव से उन शव को गंगा में बहाया गया है। सूचना के बाद न तो मौके पर पुलिस पहुंची और न ही प्रशासनिक अफसर। श्मशान घाट पर शवों के अंतिम संस्कार का कार्य कराने वाले और अन्य स्थानीय लोगों के मुताबिक दो दिन पूर्व भी चार शव गंगा में देखे गए थे। शासन का निर्देश है कि अगर गंगा में शव मिलते है तो उनका अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए लेकिन जिला प्रशासन ऐसी कोई व्यवस्था नही की है। समाचार लिखे जाने तक दोनों शव गंगा के किनारे पड़े थे। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि गंगा में शव मिलने की सूचना मिली हैं। संबंधित एडीओ और सेक्रेटरी को निस्तारण के लिए निर्देश दिया गया है।