अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चंद्रा की अदालत ने जहरखुरानी की दो घटना में दोषसिद्ध होने पर जहरखुरान को 10 साल का कारावास और 40 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। करीब एक दशक पूर्व की घटना में कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया है।
अभियोजन के मुताबिक श्यामधर उर्फ पप्पू निवासी भैंसा थाना कछवां मिर्जापुर मुंबई में सब्जी बेचता है। दीपावली पर्व के मद्देनजर वह 21 नवंबर 2011 को पवन एक्सप्रेस से घर आ रहा था। तहरीर में आरोप लगाया कि 22 नवंबर को वह ज्ञानपुर रोड स्टेशन उतरा। पड़ाव बस स्टैंड पर आया तो कार यूपी 70 ई 7434 के चालक ने कछवां का रहने वाला बताकर बिठा लिया। उसी दौरान बिस्कुट खिलाया, जिससे वह बेहोश हो गया। कार का चालक बबलू उर्फ विपिन सिंह निवासी गेराईं था। विवेचना में यह बात सामने आई कि श्यामधर से एक साल पूर्व मिर्जामुराद के युवक रणजीत कुमार को भी जहरखुरानी का शिकार बनाया गया। पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां दोनों पक्षों के तर्क एवं बहस सुनने के बाद न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने बबलू सिंह को दोषी मानते हुए पांच साल का कारावास और 40 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता विकास नारायण सिंह ने पैरवी की।