जयकारे के साथ निकली शोभायात्रा गांव में भ्रमण करने के बाद कथा स्थल पर आकर समाप्त हुई।
कथा वाचक स्वामी रामानंद जी महाराज के नेतृत्व में रविवार को चौरा माता मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा कथा स्थल पर आकर समाप्त हुई। शोभायात्रा में शामिल महिलाएं देवी गीतों एवं पचरा गाते हुए आगे बढ़ती रहीं।
स्वामी जी ने बताया कि यज्ञ परिक्रमा का काफी महत्व है।
कहा कि आज के भौतिकवादी युग में दैवीय आपदाओं से निजात पाने के लिए यह एकमात्र उपाय है।
यज्ञ परिक्रमा दैहिक, दैविक एवं भौतिक तापों से बचाता है। इस मौके पर राममूरत मिश्रा, रामसूरत, चंदन, राजधर, पूनम, सीमा, सरिता, ऊषा, पवन, आरती, मंजू, रंजना, कोमल आदि रहे।