साठ देशों के लगभग 4 सौ आयातकों की सहभागिता के बीच नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चार दिवसीय इंडिया कारपेट एक्सपो का गुरुवार को समापन हो गया। एक्सपो के अंतिम दिन भारतीय कालीन निर्यातकों का उत्साहवर्धन करने के लिए केंद्रीय कपड़ा सचिव रश्मि वर्मा ने एक्सपो का भ्रमण किया और निर्यातकों से रूबरू हुईं। उन्होंने कहा कि सरकार बुनकरों के साथ साथ मझोले निर्यातकों के विकास को संकल्पित है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने भारतीय हस्तकला को विश्व के कोने कोने तक पहुचाने के लिए कई योजनाएं बनाई है। भारतीय बुनकर और उनके द्वारा बुनी कालीनें हमारी धरोहर हैं। सीईपीसी के चेयरमैन महावीर प्रताप ने उन्हें एक्सपो में विभिन्न स्टालों का दौरा कराया और बताया कि सरकार के प्रयासों से भारतीय कालीन निर्यात लगातार बढ़ रहा है। कहा कि वर्ष 2016-17 के लिए भारत सरकार ने 11 हजार करोड़ निर्यात लक्ष्य दिया था। आशा जताई कि वह लक्ष्य हमने पा लिया है।
चेयरमैन ने बताया कि इंडिया कारपेट एक्सपो उप्र, राजस्थान, हरियाणा, कश्मीर, पंजाब, मध्य प्रदेश, आध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश के छोटे बड़े कालीन उद्यमियों को उचित प्लेटफार्म उपलब्ध कराता है। इस बार 305 निर्यातकों ने अपने हस्तकला का प्रदर्शन किया जबकि 60 देशों के लगभग 4 सौ आयातकों ने सहभाग किया।
उन्होंने बताया कि आगामी कारपेट एक्सपो अक्टूबर में होगा। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयातकों और देश भर से आए निर्यातकों के साथ साथ परिषद के प्रशासनिक समिति के सदस्यों का आभार जताया।