जिला मुख्यालय सड़क पर जोरई तिराहा के पास बदहाल यातायात संकेतक। संवाद
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ज्ञानपुर। जिले में करीब 2300 किलोमीटर की सड़कों के किनारे लगे तीन करोड़ खर्च कर लगाए गए यातायात संकेतक बदहाल हैं। इससे वाहन चालकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। संकेतकों की हालत यह है कि वह कहीं औंधे मुंह गिरे हैं या जंगली झाड़-झंखाड़ पर पड़े हैं। लोक निर्माण विभाग हाईवे समेत रेलवे स्टेशन, हाल्ट, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल और पड़ोसी जिले जौनपुर, प्रयागराज, वाराणसी और मिर्जापुर को जोड़ने के लिए लगभग 2300 किलोमीटर छोटी-बड़ी सड़कों की जिम्मेदारी संभाल रहा है। इन सड़कों पर यातायात के समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए गत वर्ष ही आगरा की एक फर्म से तीन करोड़ की लागत से संकेतकों को लगवाया गया था, ताकि यात्रा करने वाले लोगों को सहूलियत मिले। वाहन चलाने के नियम और गंतव्य तक पहुंचने की जानकारी भी संकेतकों से मिलती है, लेकिन निगरानी न होने से ये बदहाल हो चुके हैं। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसबी राव ने बताया कि जेई, एई, मेठ की लापरवाही से संकेतक खराब हुए हैं। आगरा की फर्म से वारंटी वाले संकेतकों को ठीक कराने की जिम्मेदारी अभियंताओं को सौंपी जाएगी। करीब छह माह तक चले यातायात जागरूकता अभियान पर वाहन चालकों ने सवाल उठाया है। चालकों ने कहा कि सड़कों पर यातायात नियमों का पालन कराने वाले उपकरणों की सुधि यातायात विभाग को नहीं है। सुरक्षा कार्य को छोड़कर थाना, कोतवाली, चौकी पुलिस ई चालान काट रही है। मतेथू-वहिदानगर मार्ग से आ रहे वाहन चालक राकेश कुमार ने बताया कि वह प्रतिदिन डेढ़ सौ किलोमीटर सफर कर सामान पहुंचाता है। थाना पुलिस कहीं भी जांच करती रहती है। सीतामढ़ी-धनतुलसी सड़क से आने वाले मनोज कुमार ने कहा कि यातायात संकेतकों की हालत खराब होने से दिशा भ्रम हो जाती है। कई स्थानों पर यह स्थिति है। यातायात निरीक्षक शशिकांत ने कहा कि जागरूकता अभियान एक अहम जिम्मेदारी थी। बदहाल संकेतकों की रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाती है। ज्ञानपुर। जिला मुख्यालय मार्ग से वन विभाग कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर संकेतक लगाया गया था, लेकिन अब नहीं है। वहां आसपास झाड़ियां होने से मुख्यालय मार्ग से आने वालों को दूसरे मार्ग से आने वालों का पता नहीं चल पाता। इससे दुर्घटनाएं होती है। तीन माह पूर्व भदोही नगर से लौट रहे दो बाइक सवारों और बोलेरो वाहन में भिड़ंत होने पर दोनों की मौत हो गई थी। ज्ञानपुर-गोपीगंज सड़क के थानीपुर में लगा नियंत्रक लापरवाही के कारण नीचे की ओर झुक रहा है। उसी में महिलाएं रस्सी बांधकर कपड़े सुखाती है और सुबह से शाम तक पशुओं को बांधा जाता है। इस स्थान पर पेट्रोल टंकी होने के कारण दो माह पूर्व एक निजी बस-बाइक की टक्कर होने पर तीन बच्चों समेत पांच लोग घायल हो गए थे। वहिदानगर-मतेथू सड़क पर बीरमपुर के आगे नियंत्रक बोर्ड नीचे गिर कर फट गया है। जहां स्कूल होने से आए दिन बच्चे घायल होते रहते हैं। ज्ञानपुर-गोपीगंज सड़क के मध्य मुख्य नहर पुल के किनारे लगा नियंत्रक बोर्ड लगभग पांच माह से बबूल की झाड़ पर पड़ा है। वहां पुलिस की पिकेट ड्यूटी शाम से भोर तक होती है। चार माह पूर्व कानपुर से भदोही मशीनरी सामान लेकर आ रहा डीसीएम चालक अनियंत्रित होकर पलट गया था।
गोपीगंज-ज्ञानपुर सड़क के थानीपुर में झुके संकेतक पर सूख रहे कपड़े। संवाद- फोटो : BHADOHI