ज्ञानपुर। सरपतहां स्थित 100 शैय्या अस्पताल में डायलिसिस के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। 10 बेड की डायलिसिस यूनिट में मात्र छह बेड से काम चलाया जा रहा है। मरीजों की संख्या के हिसाब से सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। इससे 20 से अधिक मरीज प्रतीक्षा में है। कुछ को लौटा दिया जा रहा है। गंभीर रोगी दूसरे जनपदों में इलाज के लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए सरकार गंभीर है। इसके तहत सरतपहां स्थित सौ शैय्या अस्पताल परिसर में डायलिसिस यूनिट का 10 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल लोकार्पण किया था। इससे मरीजों को लगा कि अब उन्हें निजी अस्पतालो में मोटी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। ज्यादातर लोगों को इसका लाभ मिल रहा है, लेकिन कई ऐसे मरीज हैं जिनको प्रयागराज और वाराणसी जाना पड़ रहा है। यहां कुल 10 बेड होने चाहिए थे, लेकिन आनन-फानन में छह बेड के साथ यूनिट का संचालन शुरू कर दिया गया। बेड़ों की संख्या कम होने से मरीजों को डायलिसिस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इन दिनों डायलिसिस की वेटिंग लिस्ट 20 पहुंच गई है। यहां निशुल्क डायलिसिस होने से मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। वाराणसी, मिर्जापुर या प्रयागराज जाने पर मरीजों का किराया और दिनभर का समय चला जाता है। यूनिट में एक दिन में 11 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। एक मरीज के डायलिसिस में तीन से चार घंटे लगता है। जिला अस्पताल से पंजीकरण और जांच आदि के बाद यूनिट में नंबर आता है। यहां इस समय 20 मरीज वेटिंग में है। चिकित्सकों के अनुसार, किसी मरीज के ठीक होने के बाद ही अगले का नंबर आएगा। यूनिट में कार्यदायी संस्था बेड़ की संख्या पूरी कर दे तो मरीजों को उसका लाभ मिल सकता है। डॉ. अखिलेश कुमार सिंह और टेक्नीशियन विनय कुमार ने बताया कि नियमित मरीजों की डायलिसिस की जाती है। सीएमओ डॉ. संतोष सिंह चक ने कहा कि चार अन्य बेड शुरू करने के लिए पत्र लिखा गया है। जल्द ही उसे भी शुरू करा दिया जाएगा।