ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्री मांग पत्र डीएम राजेंद्र प्रसाद को सौंपकर व्यापारियों के हित में आर्थिक पैकेज की आवाज उठाई। जिलाध्यक्ष घनश्याम दास गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की महामारी को रोकने के लिए समय रहते उचित कदम उठाया है। यही कारण है कि अन्य प्रदेशों और प्रांतों की अपेक्षा भारत में महामारी अपना विशेष असर नहीं छोड़ सकी है।
उन्होंने कहा कि लापरवाही से 10 फीसद तक लोग प्रभावित होकर समस्या खड़ी कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में व्यापारी वर्ग अपनी पूंजी को लगाकर एक-दूसरे की जरूरतें तो पूरी कर रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन व्यापारियों के हित में अभी कोई ऐसा कदम नहीं उठा सका और ना ही विशेष पैकेज दे पाया है कि वह अपनी आवश्यकताएं पूरी कर पाएं। 70 फीसद व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बंद हो जाने से संचालकों के परिजन भुखमरी के कगार पहुंच गए हैं। बावजूद इसके केंद्र एवं प्रदेश की सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
कहा कि व्यापारियों के हित में भी सरकार ठोस निर्णय ले तभी तंगी दूर हो पाएगी। मांगों में जीएसटी रिटर्न देर से जमा करने पर जुर्माना माफ किया जाय।15 मार्च से 30 अप्रैल तक तक कामर्शियल बिजली का बिल माफ हो, बैंक ऋण पर ब्याज माफ हो, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मियों को 50 फीसद मानदेय दिया जाय, नगर निगम, पालिका और पंचायतों के अधीन दुकानों का किराया न लिया जाए, लाइसेंसी/गैर लाइसेंसी व्यापारियों की आर्थिक मदद की जाए, देर से जमा होने वाले आयकर, टीडीएस पर पेनाल्टी न लिए जाए, लॉकडाउन में मिठाई, बेकरी, रेस्टोरेंट की दुकानों में बर्बाद हुए सामानों की क्षतिपूर्ति, तीन माह की निजी स्कूलों की फीस माफ हो, गल्ला-किराना के व्यापारियों से बांट-माप, लाइसेंस की जांच न कराई जाए, कोरोना संक्रमण में न आने वाले जिलों और तहसीलों को मुक्त किया जाए। इस मौके पर पवन कुमार श्रीवास्तव, श्रीपति जायसवाल, रंजीत कुमार, सिराज अख्तर सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।