बेरासपुर गांव में बिना सुरक्षा घेरे का लगा टावर। संवाद
जंगीगंज। जिले में अपनी मांगों को मनवाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बीते पांच महीनों में आठ और 15 दिन में पांच मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मोबाइल टावर की सुरक्षा के विशेष इंतजाम न होने से आसानी से लोग टावरों पर चढ़ जाते हैं। इससे प्रशासन व आम लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
जिले भर में अलग-अलग कंपनियों के दो से तीन दर्जन मोबाइल टावर हैं। मोबाइल टॉवरों की सुरक्षा घेरा और वहां कर्मचारियों की तैनाती न होने से आसपास के गांवों के लोगों की पहुंच वहां आसानी से हो जाती हैं। जिसके बाद अपनी बात मनवाने की जिद में लोग टावर पर चढ़कर घंटों ड्रामा करते हैं। जिले में इन दिनों टावर पर चढ़ने का प्रयोग तेजी से बढ़ा रहा है। सबसे अधिक गोपीगंज कोतवाली में इस तरह के मामले देखे जा रहे हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि कुछ लोग अपनी मांगों को मनवाने के लिए मोबाइल टावर को विरोध प्रदर्शन का माध्यम बना रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि संबंधित व्यक्ति और बचाव कार्य में जुटे पुलिसकर्मियों के जीवन को भी खतरे में डालती है। मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए पुलिस इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई भी नहीं कर पाती।
हालांकि बीते एक सप्ताह में पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेजा है, वहीं एक पर प्राथमिकी भी दर्ज की है, लेकिन इससे मोबाइल टावरों पर चढ़ने की घटनाओं में कमी आएगी या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है। जिले के प्रमुख टॉवरों पर सुरक्षा गार्डों की तैनाती, संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी और इस प्रकार का कृत्य करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जाते तो इस पर लगाम भी लग सकता है।
ज्ञात हो, 21 जुलाई को औराई के उपरौठ में ओवरब्रिज बनवाने व चीनी मिल चालू करने की मांग को लेकर युवक टावर पर चढ़ गया था। इसी तरह से 22 जुलाई को किशुनदेवपुर में कंटेनर चालक सुरेन्द्र पांडेय मारपीट का आरोप लगाकर टावर पर चढ़ा था। इसके अलावा 30 जुलाई को बिरनई में एक गर्भवती महिला प्रेमी को बुलाने की जिद में टावर पर चढ़ी थी। दो अगस्त को धनापुर दक्षिणी में प्रेमिका को बुलाने की जिद कर विजय गौतम नाम का युवक टावर पर चढ़ा था। इसी तरह से तीन अगस्त को किशुनदेवपुर में पति को बुलाने की जिद में अंजली बिंद नाम की युवती टावर पर चढ़ गई थी।
एसपी अभिनव त्यागी का कहना है कि अपनी बात मनवाने का यह कल्चर ठीक नहीं है। आगे से टॉवर पर चढ़ने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। मोबाइल टॉवर कंपनियों को टॉवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो अब प्रशासन की ओर से वहां ताला लगाकर बंद कर दिया जाएगा।