नगर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पुजा के लिए खरीददारी करते लोग। संवाद
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जिला कारागार से लेकर जिले के विभिन्न स्थानों पर जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा। इस दौरान सोहर और बधाई गीत गूंजेंगे। पुलिस लाइन और थाना परिसरों में हरिकीर्तन के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सुजातपुर निवासी आचार्य शरद पांडेय ने बताया कि कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का कारागार में जन्म हुआ था। जन्माष्टमी के दिन महिलाएं व्रत रखेंगी। जन्म के बाद श्रीकृष्ण का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आरती उतारी जाएगी। दही हांडी कार्यक्रम शनिवार को होगा।
जन्मोत्सव को लेकर जगह-जगह आकर्षक सजावट की गई है। पुलिस लाइन और थानों में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। पुलिस लाइन में भी जन्मोत्सव के लिए सजावट की गई है। जन्माष्टमी को लेकर पूजन सामग्री, श्रीकृष्ण के बाल रूप की तस्वीरों और उनसे जुड़े सामान की खरीदारी के लिए बृहस्पतिवार को बाजारों में भीड़ उमड़ी। श्रीकृष्ण और राधा रानी का दरबार सजाने के लिए लोग खरीदारी में जुटे रहे।
ग्राहकों की भीड़ से दुकानदारों के चेहरे भी खिल उठे। न्यायालय परिसर ज्ञानपुर, थाना परिसरों के अलावा बाबा हरिहरनाथ मंदिर और बड़े शिव मंदिर में भी जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है।
वहीं, भिदिउरा और सागररायपुर के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में हरिकीर्तन पाठ किया जाता है।
नगर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पुजा के लिए खरीददारी करते लोग। संवाद- फोटो : 1