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Bhadohi News: बुनकर पलायन न कर जाएं इसलिए बिना ऑर्डर के दे रहे काम

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नगर के एक प्रतिष्ठान के शोरूम में सजाए गए कालीन। स्रोत-संवाद - फोटो : mathura
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भदोही। अमेरिकी टैरिफ का मसला लगातार खिंचते चले जाने से निर्यातकों की चिंता बढ़ती जा रही है। निर्यातकों को बुनकरों के पलायन की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि अगर रोजगार की तलाश में बुनकर अन्यत्र पलायन कर जाएंगे तो टैरिफ के बाद एक नई चुनौती खड़ी हो जाएगी। तमाम निर्यातक ऐसे हैं, जो ऑर्डर न होने के बाद भी बुनकरों को कालीन बुनाई का काम दिए हुए हैं। भले ही 10 की जगह दो ही कालीन बुनने का काम दिया जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि टैरिफ को लेकर जल्द ही कुछ न कुछ राहत मिलेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैक्स थोपा है। 50 फीसदी टैरिफ होने के बाद से कालीन उद्योग में भूचाल मचा हुआ है। निर्यातक लखनऊ से लेकर दिल्ली तक राहत की उम्मीद लगाए चक्कर काट रहे हैं। इस बीच इस उद्योग से जिले में जुड़े करीब छह लाख बुनकरों के सामने भी एक बड़ा संकट है। टैरिफ की घोषणा के बाद से ही करीब 1500 करोड़ का माल होल्ड है। वहीं नए ऑर्डर भी शून्य हो गए हैं। ऐसे में बुनकरों को रोक कर रखना निर्यातकों के लिए नई चुनौती बन गई है। निर्यातकों के सामने समस्या यह है कि भारी मात्रा में यार्न की खरीद कर रंगाई करा चुके हैं। अब यदि उत्पादन रोकते हैं तो यार्न में कीड़े लग जाएंगे। इसके अलावा यार्न की रंगाई हो जाने के बाद वह दूसरे किसी ऑर्डर की पूर्ति में काम नहीं आने वाला है। कई निर्यातकों ने तो प्रोडक्शन 50 फीसदी या इससे भी नीचे कर दिया है। बहुत से लोग कच्चा माल खपाने के लिए अभी उत्पादन जारी रखे हुए हैं।
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