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Bhadohi News: दो पुलिसकर्मियों और मां-बेटी को तीन साल की कैद

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ज्ञानपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय मो. शाहनवाज अहमद सिद्दीकी की अदालत ने सोमवार को फर्जी गवाही के मामले में दो पुलिसकर्मियों और मां-बेटी को तीन साल कैद की सजा सुनाई। हालांकि कोर्ट ने मां-बेटी को जमानत राशि और प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष दो बंधपत्र जमा करने की शर्त पर सजा स्थगित कर दी। एपीओ मुनेश कुमार ने बताया कि आजमगढ़ के सरायमीर के एक गांव की दुष्कर्म पीड़िता ने 2005 में कोइरौना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में पीड़िता को अदालत में अपनी गवाही दर्ज करानी थी। मामले में दुष्कर्म पीड़िता के स्थान पर रिंका यादव ने आरोपियों के पक्ष में फर्जी गवाही अदालत में दी थी। अदालत के अभिलेखों में लगी उसकी फोटो को उसकी कथित मां लालमति ने प्रमाणित किया था। कोर्ट सुनवाई के दौरान मेडिकल रिपोर्ट और वास्तविक पीड़िता के 164 के बयान में अंगूठे के निशान व न्यायालय में आरोपित रिंका यादव के शपथपत्र पर लगे अंगूठे के निशान में अदालत ने भिन्नता पाई। इसके बाद कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता के मूल निवास पर सम्मन भेजा। साथ ही उच्चाधिकारियों को इस फर्जीवाड़ा की जांच का निर्देश दिया। आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक की सात जून 2016 की आख्या के अनुसार यह प्रमाणित हो गया कि सरायमीर क्षेत्र की दुष्कर्म पीड़िता पांच-छह साल से अपने घर पर नहीं रहती है, उसका कोई अता-पता भी नहीं है। दूसरी तरफ इसी अवधि में दो साल पहले अदालत के सम्मन को आरोपित पुलिस कर्मियों ने तामिला करा दिया था। जांच में पता चला कि रिंका यादव ने अदालत को गुमराह कर दुष्कर्म पीड़िता के रूप में फर्जी ढंग से आरोपितों के पक्ष में गवाही दी थी। 2016 में अदालत ने एडीजी हसन रजा को फर्जीवाड़ा में शामिल छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया था। मामले में ज्ञानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय मो. शाहनवाज अहमद सिद्दीकी की अदालत ने आरोपित पुलिसकर्मी गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर थाना के नारायणपुर निवासी कांस्टेबल समसुज्जुहा और बलिया के गढ़वाल थाना क्षेत्र के बेलसरा निवासी धन लाल निरंकारी को तीन साल जेल की सजा सुनाई। वहीं, आरोपी मां-बेटी आजमगढ़ के सरायमीर थाना रेवला नंदाव निवासी रिंका यादव और लालमति देवी 25 हजार रुपये के दो जमानतदार और इतनी ही धनराशि के दो बंधपत्र प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष इस आशय का दाखिल करने को कहा कि कि तीन साल की अवधि में शांति व सदाचार कायम रखेंगी।
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