अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय लोकेश कुमार मिश्र की अदालत ने जहरखुरानी गिरोह के दो सदस्यों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। 12 साल पूर्व के मुकदमें में कोर्ट ने निर्णय सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक विजय मिश्र ने बताया कि साल 2012 में कछवां बिहड़ा निवासी श्यामधर मिश्र मुंबई से घर लौट रहे थे। पवन एक्सप्रेस से वह ज्ञानपुर रोड स्टेशन गोपीगंज उतरे। यहां पर पड़ाव के समीप बबलू उर्फ विपिन सिंह निवासी गेराईं और राजेश कुमार जायसवाल करसड़ा कछवां मिर्जापुर को अपनी कार में बिठाकर कछवां छोड़ने की बात कही। दोनों ने श्यामधर को कार में बैठाया और ओबीटी कंपनी के समीप नशीला बिस्कुट खिलाकर सामान लेकर गायब हो गए।
पीड़ित के परिवार वालों ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने बबलू उर्फ विपिन सिंह और राजेश कुमार जायसवाल को जहरखुरानी का दोषी मानते हुए तीन-तीन साल कठोर कारावास और पांच-पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।