घटना के बाद मौके पर जुटी महिलाओं की भीड़। संवाद
दुर्गागंज। सुरियावां के दानूपुर पूरबपट्टी गांव में बृहस्पतिवार की सुबह चाचा ने भांग के नशे में तीन साल की भतीजी को चिप्स देने के बहाने घर से बाहर बुलाया और गोद में उठाकर कुएं की ओर लेकर भाग गया और कुएं में फेंक दिया। घटना में तीन साल की आंचल की मौत हो गई। यह घटना आंचल की छह साल बड़ी बहन रागिनी की आंखों के सामने हुई। घटना के समय आंचल के माता-पिता काम पर गए थे। सुरियावां के दानूपुर पूरबपट्टी निवासी राजू बिंद मजदूरी करके परिवार का जीविकोपार्जन करते हैं। उसकी पत्नी रीमा देवी बरात में पूड़ी बेलने का काम करती है। दंपती को दो बेटियां रागिनी (6) और आंचल (3) माता-पिता के काम पर जाने के बाद घर पर अकेले रहती हैं।
आंचल की बड़ी बहन रागिनी के सामने हुई घटना
बृहस्पतिवार की सुबह पति-पत्नी काम पर गए थे। घर पर दोनों बेटियां अकेली थीं और खेल रहीं थीं। तभी उनका चाचा रंजीत उर्फ नन्हें आया। घर में खेल रहीं दोनों भतीजियों को चिप्स देने के बहाने बाहर बुलाया। दोनों बहनें घर से बाहर आईं तो रंजीत ने तीन साल की आंचल को गोद में उठा लिया और भागने लगा। यह देख बड़ी बहन रागिनी ने पूछा कि ए चच्चा आंचल के कहां ले के जात हउव...। जब तक वह कुछ समझ पाती, तब तक वह घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित कुएं के पास पहुंच गया था। पीछे से दौड़ कर आ रही रागिनी को देख आरोपी रंजीत ने आंचल को कुएं में फेंककर भाग गया। रागिनी के शोर मचाने पर गांव के लोग जुटे। रागिनी के बताने पर गांव के लोगों ने कुएं में खोजबीन की तो आंचल का शव मिला। घटना की जानकारी गांव के ही लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी रंजीत उर्फ नन्हें के मोबाइल नंबर को ट्रेस करके कुछ देर में ही हिरासत में ले लिया।
मकर संक्रांति पर मुंबई से आरोपी लौटा था घर
पुलिस के अनुसार आरोपी भांग के नशे में था। वह मुंबई में मजदूरी करता था। बीते महीने मकर संक्रांति पर वह घर लौटा था। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में उसने आंचल को कुएं में फेंकने का कारण नहीं बताया है। जांच के दौरान परिवार में किसी तरह का कोई विवाद भी नहीं था।
वर्जन
हत्यारोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वह भांग के नशे में हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मासूम की हत्या क्यों की। इसकी जांच पड़ताल की जा रही है।
- मनीष द्विवेदी, प्रभारी निरीक्षक, सुरियावां।