गंगा किनारे स्थित गांव बहपुरा में बुधवार को जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु, पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद भूषण पांडेय ने अधिकारियों के साथ चौपाल लगाई। सीडीपीओ, एक्सईएन बिजली और जिला विकलांग कल्याण अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर डीएम ने तीनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। ग्रामीणों से तहसील, समाधान दिवस और जनता दर्शन की लंबित समस्या की जानकारी ली। जमीन विवाद सामने आने पर एसडीएम, लेखपाल को निस्तारण करने का निर्देश दिया। इस दौरान डीएम ने गांव के लोगों को खुले में शौच न करने संकल्प भी दिलाया।
चौपाल में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से सेक्रेटरी के गांव में न आने की शिकायत की। डीएम ने सेक्रेटरी को गांव में रात्रि निवास न करने पर कड़ी फटकार लगाने के साथ ही रात में रुकने का निर्देश दिया। कहा कि इसमें लापरवाही बरती गई तो कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। डीपीआरओ को निर्देश दिया कि जिले के सभी गांव के सेक्रेटरी अपने हलका क्षेत्र में निवास करें। खाद्य सुरक्षा के लिए बनाई गई पात्रों की सूची को गांव के स्कूलों पर चस्पा करने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केंद्र न खुलने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की क्लास लगाई। डीपीओ को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की जांचकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। गांव में 122 शौचालय बने हैं, डीएम ने 270 शौचालय बनवाने का निर्देश डीपीआरओ को दिया। कहा कि सभी घरों में शौचालय बनना जरूरी है।
डीएम ने कहा कि खुले मेें शौच न करें और सभी लोग जागरूक बनें। प्रधानमंत्री आवास के लिए खंड विकास अधिकारी को खुली बैठक कराकर लाभार्थी चयन करने का निर्देश दिया। डीएम गांव में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस मौके पर सीडीओ आरपी मिश्र, सीएमओ डॉ. डीके सोनकर, डीएसओ संजय पांडेय, ग्राम प्रधान शिवचंद शुक्ला आदि रहे।