मानसून सीजन में मवेशियों में फैलने वाले गलाघोंटू बीमारी को लेकर पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। जिले में गला घोंटू टीके की पहली खेप 49,500 टीका पहुंच चुका है। जिले में तीन लाख पशुओं को टीका लगाया जाना है। पशुओं को टीका लगाए जाने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से 24 टीमों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव पहुंचकर पशुओं को टीका लगाएंगे।
जिले में हर साल बारिश के दिनों में गला घाेंटू रोग मवेशियों में तेजी से फैलता है। गलघोंटू बीमारी गोवंशी और महिषवंशीय दोनों पशुओं में होती है। बीमारी में पशुओं को तेज बुखार आता है और गले व छाती में सूजन हो जाती है, नाक से स्राव होने लगता है। संक्रमित पशु को सांस लेने में परेशानी होती होती है। इससे पशु के दूध उत्पादन में कमी आ जाती है।
पशु विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश के बाद उगने वाली कई तरह की घासें संक्रमित होती हैं, जो पशुओं में गला घोंटू बीमारी का प्रमुख कारण बनती हैं। पशुओं को इससे बचाने का एक मात्र उपाय टीकाकरण ही है। इस साल मानसून सीजन से पहले तीन लाख पशुओं को गलाघोंटू टीका लगाए जाने का लक्ष्य है। ज्ञानपुर सदर अस्पताल के पशु चिकित्सा प्रभारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि गलाघोंटू टीका का पहला खेप 49,500 टीका पहुंचा है। जिले भर में तीन लाख पुशओं को टीका लगाने का लक्ष्य है। इसके अलावा बकायदा टीम गठन किया जा रहा है। करीब 24 टीमें ब्लॉकवार टीकाकरण कार्य को अंजाम दे रही हैं।