ज्ञानपुर। जिले में अवैध अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डीएम के निर्देश पर डीघ ब्लॉक के तीन अवैध अस्पतालों को सील किया गया जबकि अलग-अलग क्षेत्रों के छह को नोटिस जारी कर बंद करने का अल्टीमेटम दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला मुख्यालय तक अवैध ढंग से अस्पतालों का कारोबार फल-फूल रहा है। शिकायतों पर विभाग कार्रवाई तो करता है, लेकिन उसके बाद में सबकुछ सामान्य हो जाता है। पिछले दिनों अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी। अधीक्षक डीघ की जांच में अवैध संचालन की पुष्टि होने पर बंद करने की नोटिस जारी की गई, लेकिन अस्पताल बंद नहीं हुए। दुबारा शिकायत होने पर डीएम आर्यका अखौरी ने नाराजगी जताई। उसके बाद एक जनवरी को एसीएमओ डॉ. विवेक श्रीवास्तव की टीम ने अस्पतालों पर कार्रवाई की। उन्होंने कोइरौना में आरबी गुप्ता, कटरा में साबो कुमार और इटहरा में बंगाली डॉक्टर के क्लीनिक को सील किया। एसीएमओ ने बताया कि तीनों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए तहरीर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सुरियावां के दो, गोसाईंपुर के एक, सुभाषनगर के एक, चौरी के दो और औराई के एक अस्पताल संचालक को नोटिस दिया गया है। अधिवक्ता ने बताया कि कुछ बड़े अस्पतालों में काम करने के बाद एक कमरे में अस्पताल चलाते हैं। संचालक छोटे आपरेशन से लेकर गर्भपात तक कराते हैं। आपरेशन के लिए पर्याप्त साधन न होने से अक्सर मरीज की हालत खराब हो जाती है। ऐसे में वह बड़े अस्पतालों में रेफर करते हैं। ऐसे अस्पताल संचालकों का आशाओं से अच्छा तालमेल रहता है। मोटे कमीशन के लालच में वह सरकारी अस्पतालों को छोड़ ऐसे स्थानों पर प्रसूताओं की डिलेवरी कराती हैं।