ठंड एवं शीतलहर का सितम कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
गुरुवार को लगातार छठवें दिन भगवान भाष्कर के दर्शन नहीं हो सके। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव आदि तापते नजर आए। पिछले चौबीस घंटे के दौरान जिले में ठंड की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई।
शीतलहर को देखते हुए परिषदीय स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को 17 जनवरी तक बंद कर दिया गया है।
करीब डेढ़ माह से पड़ रही ठंड लगातार बढ़ती जा रही है।
मकर संक्राति के बाद मौसम साफ होने की गुंजाइश करने वाले लोगों को भी झटका लगा है। बृहस्पतिवार की सुबह कोहरा घना होने के साथ-साथ शीतलहर के कारण लोग ठिठुरते नजर आए।
सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। महराजगंज संवाददाता के अनुसार, ठंड की चपेट में आने से लालती देवी (30) पत्नी प्रमोद यादव निवासी गिर्दबड़गांव की बुधवार की शाम मौत हो गई।
बताया जाता है कि शाम को शौच से आने के बाद अचानक तबीयत खराब हो गई। परिवार वाले उसे वाराणसी अस्पताल ले जा रहे थे रास्ते में मौत हो गई।
कौलापुर संवाददाता के अनुसार, ठंड की चपेट में आने से बेरासपुर निवासी प्रेमशंकरयादव (58) की मौत हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह खेत से लौटने के बाद अचानक तबीयत खराब हो गई। परिवार के लोग अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उसके पूर्व ही मौत हो गई।
दुर्गागंज संवाददाता के अनुसार, थाना क्षेत्र के सरायकोला गांव निवासी समाचार पत्र विक्रेता जगदीश गौतम की माता प्यारी देवी (65) का सुबह निधन हो गया। वह तड़के शौच के लिए गई थी, जहां ठंड लग गई।
परिवार वालों का कहना है कि ठंड लगने से उनकी मौत हुई है।