नेकी का पलड़ा हमेशा भारी रहता है। इसलिए हर इंसान को नेक काम करने से पीछे नहीं रहना चाहिए। इंसान चाहे जिस हाल में हो उसे खुदा का शुक्र अदा करना चाहिए।
इंसान को खुदा ने बहुत सारी नेमतें अता की। यहां तक इंसान खुद भी खुदा की नेमत है। यह बातें मौलाना मुफ्ती मोहम्मद ताहिर हुसैन कलकत्तवी ने कहीं।
सोमवार की रात जामा मस्जिद परिसर में अंजुमन रजाए मुस्तफा कमेटी से आयोजित जलसे को खिताब कर रहे थे। आमदे रसूल कांफ्रेंस में कहा कि सीरते नबी को सुनने के साथ बंदों को इस पर अमल भी करना चाहिए।
अमल करने से ही उन्हें इसके फायदे मिलेंगे। मौलाना ने इस्लामी तौर तरीके अपनाकर गलत कामों से दूर रहने की नसीहत दी।
कामयाबी के लिए हर काम से पहले बिस्मिल्लाह पढ़ने की ताकीद की। मौलाना मुफ्ती महमूद आलम बरकाती ने कहा कि आमदे रसूल की खुशी में जश्न मनाना नबी से मोहब्बत की पहचान है।
शायर दिलकश रांचवी, कासिम नदीमी, हाफिज इसहॉक आदि ने नातो-मनकबत पेश की। सदारत मौलाना अली अख्तर मिस्बाही, निजामत मौलाना जाहिद रजा मिस्बाही ने किया।
उनके शेर, निसार तेरी चहल-पहल पर हजारों ईद, रवीउल अव्वल सिवाए इब्लीस के जहां खुशियां मना रहा..। पर खूब तारीफ मिली।
जलसे का आगाज तिलावते कुरआन पाक से किया गया। इस मौके पर हाफिज सलाहुद्दीन, हाजी शाहिद चौधरी, मौलाना अली हुसैन, मौलाना मोबिन, मौलाना मोइन, हाफिज आफताब, हाफिज कलीम, मोहम्मद इलियास, मौलाना सुजाअत, फकीर मोहम्मद, हाजी गुफरान, इस्राइल, हाजी वकील, वसीम, मिन्हाज और अयाज आदि रहे।