कौलापुर। गंगा में होने वाले हादसों को प्रधानों के सहयोग से कम किया जाएगा। पुलिस प्रशासन की ओर से तटवर्ती गांवों के प्रधानों के माध्यम से गंगा में बैरिकेडिंग के साथ सतर्क करते अस्थाई बोर्ड लगेंगे। इससे लोगों को हादसे की जगहों की जानकारी हो सकेगी।
जिले में बीते एक महीने में गंगा में डूबकर होने वाली मौतों में काफी इजाफा हुआ है। जिले के विभिन्न घाटों पर बीते एक महीने में एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा तीन दर्जन से अधिक लोगों को डूबने से बचाया जा सका है। स्थानीय लोगों के मुताबिक गर्मी में गंगा घाटों से काफी दूर चली जाती है। इससे वहां जब कोई नहाने पहुंचता है तो गंगा में मौजूद गहरे कछारों को पहचान नहीं पाता। ऐसे में नहाते-नहाते कई बार वह उसमें फंस जाता है और मौत हो जाती है। रविवार को भी बिहरोजपुर घाट पर ऐसा ही हुआ था। जहां कौलापुर निवासी आकाश गुप्ता कछार में चले जाने के कारण डूबने से मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस को जब इसकी जानकारी हुई तो प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह ने बेहरोजपुर प्रधान बैजनाथ यादव से इसके रोकथाम को लेकर प्रयास किये जाने की पहल करने की अपील की। प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि अगर प्रधानों के सहयोग से अस्थायी रूप से सतर्कता बोर्ड लगा दिए जाये तो हादसे कम हो सकते हैं। प्रधान बैजनाथ ने कहा कि गंगा स्नान के दौरान सतर्कता बेहद जरूरी है। गंगा में बैरिकेडिंग के साथ अस्थायी संकेतक लगवाएं जाएंगे। ताकि लोग सतर्क रहें।