गोपीगंज। जिले के तीनों पीपा पुलों को गंगा दशहरा के ठीक पहले बंद कर दिया गया, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही किसी दिन बड़े हादसे को दावत दे सकती है। बृहस्पतिवार को कुछ ऐसा ही हुआ। जब रामपुर घाट पर पीपा पुल पर आवागमन बंद किये जाने के बाद भी बैरियर न लगाए जाने के कारण बोलेरो चालक तेजी से पीपा पुल पर चल गया। पास स्टीमर पर मौजूद नाविकों ने अगर उसे नहीं रोका होता तो वह वाहन सहित गंगा में समा गया होता। जिले में रामपुर, डेंगुरपुर और सीतामढ़ी में पीपा पुल का संचालन होता है। मिर्जापुर जिले को जोड़ने वाली इन पुलों को जिले की लाइफलाइन कही जाती है। रामपुर घाट पर बने पीपा पुल की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी भदोही की है। वहीं डेंगुरपुर और सीतामढ़ी मिर्जापुर पीडब्ल्यूडी के जिम्मे हैं। हर साल गंगा दशहरा के पहले पीपा पुल खोल दिया जाता है। इससे कि गंगा में उफान होने की स्थिति में किसी तरह की अनहोनी न होने पाए। इस बार भी गंगा दशहरा के पहले तीनों पीपा पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है। रामपुर घाट पर बने पीपा पुल तो तोड़ना भी शुरू कर दिया गया है। दोनों ओर के चकर प्लेट भी हटा दिया गया है। गंगा उस पार से पीडब्ल्यूडी कर्मचारी पुल के पीपे को निकाल रहे हैं, लेकिन दोनों तरफ बैरियर न लगे होने की स्थिति में वाहन चालक धोखा खा जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को बोलेरो सवार रामपुर घाट की तरफ से धड़धड़ाते हुए पुल पर चढ़ गया। पास मौजूद लोग चिल्लाते रहे, लेकिन शीशा बंद होने की स्थिति में उसे कुछ सुनाई नहीं दिया। इस बीच गंगा में स्टीमर चला रहे नाविकों ने इशारा कर उसे रोका, नहीं तो वह वाहन सहित गंगा में समा गया होता।
कोट
दोनों तरफ पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी लगे हैं। पीपा पुल को तोड़ा जा रहा है। हो सकता है नजर न पड़ने के कारण ऐसा हुआ। हालांकि सावधानी बरती जानी चाहिए।
जैनू राम, एक्सईएन,पीडब्ल्यूडी