ज्ञानपुर जिला अस्पताल में रैबीज का इंजेक्शन लगाता स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
ज्ञानपुर। जिले में आवारा कुत्तों के हमले बढ़ते जा रहे हैं। इसके बाद भी उनके लिए न तो शेल्टर होम ना ही बंध्याकरण के इंतजाम किए गए हैं। हालांकि कुत्तों को लेकर अब तक कोई गाइडलाइन भी जारी नहीं की गई है। बीते दो दिनों में 200 लोगों को कुत्तों ने निशाना बनाया है। इनमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
अभोली ब्लाॅक के सराय कंसराय गांव निवासी हरिश्चंद्र यादव (55) सुबह शौच के लिए निकले थे। घर से थोड़ी ही दूर पहुंचे कि पीछे से कुत्ते ने हमला कर उनके पैर में काट लिया। चिकित्सकों ने पैर में दो टांके लगाए। बताया कि भौथर और सराय कंसराय गांव में सोमवार को सात से आठ लोगों को कुत्ते ने काटा था। तीन दिन पहले रविवार की सुबह अभियां गोहरवा गांव में चार साल के मासूम अंकुश गौड़ पर कुत्ते ने हमला कर उसकी नाक ही नोंच ली थी। बच्चे को बीएचयू सर्जरी के लिए रेफर कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते दो दिनों में जिले के 25 पीएचसी पर 200 लोगों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए गए। दूसरी तरफ कुत्तों पर लगाम के लिए अब तक निकायों को कोई गाइडलाइन नहीं मिली है, ना ही कोई शेल्टर होम है।