इस बार चैत्र नवरात्र आठ दिनों का होगा। इसकी शुरूआत 21 मार्च ( शनिवार) से होगी। नवरात्र को लेकर मंदिरों की साफ-सफाई से लेकर रंग रोगन तक का कार्य तेजी से चल रहा है। चैत्र नवरात्र से ही सनातन धर्म के नए वर्ष की शुरुआत होती है, जिसे भारतीय नववर्ष भी कहते हैं। नवरात्र के पहले दिन को मनाने के लिए विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच समेत कई संगठनों ने तैयारियां की हैं।
नवरात्र आगमन की झलक नगर में भी दिखने लगी है। नवरात्र में देवी पूजा के क्रम में नवाह् पाठ के लिए 21 मार्च को सुबह 7.41 से 9.11 बजे तथा 11.26 से 1236 तक कलश स्थापना करना लाभकारी रहेगा। प्रतिपदा तिथि एक दिन पहले यानी 20 मार्च को दोपहर तीन बजकर सात मिनट से लगेगी। उसका मान 21 मार्च को सुबह 11 बजकर 33 बजे तक रहेगा। पौराणिक मान्यता है कि सूर्योदय के बाद प्रतिपदा में ही कलश स्थापना करनी चाहिए। इसलिए सूर्योदय से लेकर दिन में 11 बजकर 33 बजे तक कलश स्थापना की जा सकेगी। 21 मार्च को सुबह कलश स्थापना करना लाभकारी रहेगा। आचार्य गणेश जी महराज ने बताया कि 21 मार्च से शुरू नवरात्र आठ दिनों का है। शुभ मुहुर्त में कलश स्थापना से सभी कार्य सिद्ध होंगे। विधि विधान से कलश स्थापना कर नवरात्र में पाठ करने से परिवार में सुख, समृद्धि आती है। बताया कि 15 मार्च से खरमाश लग गया है, जो 14 अप्रैल तक होगा। खरमाश के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता।