विद्युत उपकेंद्र सीतामढ़ी की इनकमिंग ट्राली रविवार की सुबह आठ बजे तेज धमाके के साथ जल गई। इससे कोनिया क्षेत्र के करीब 50 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली न रहने से लोग उमस और गर्मी से बेहाल रहे। उपकेंद्र के नारेपार, सीतामढ़ी, मठहा, शुक्लान, बारीपुर, कुढ़वा, भगवानपुर, फुलवरिया, मनोहरपुर, केवटाही, मझगवां, निबिहा, भावापुर, डीघ सीएचसी, थाना कोइरौना, सीतामढ़ी मंदिर, बनिया का तारा झरिहगपुर, चकिया, कटरा बाजार, जल निगम डीघ, अरई,खेमापुर, डीघ, कटरा बाजार, दुगुना, इटहरा, कूड़ी कला, कूड़ी खुर्द, शेरपुर, बहपूरा, भदरांव, धनतुलसी, कलातुलसी, कलिक मवैया, बसगोती मवैया, कलिक मवैया, छेछुआ, भुर्रा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा ,पुलिस चौकी कटरा, अचलेश्वर नाथ धाम महादेवा आदि गांवों में आपूर्ति बाधित है। क्षेत्र के कमला शंकर मिश्रा, माताचरन तिवारी, पंकज भभया, सीबी चौबे, विवेक तिवारी आदि ने जिलाधिकारी से खामियां सही कराकर आपूर्ति बहाल कराने की मांग की। सीतामढ़ी विद्युत उपकेंद्र से बारीपुर और सीतामढ़ी फीडरों को बिजली आपूर्ति की जाती है। सीतामढ़ी उपकेंद्र की लचर व्यवस्था, जर्जर तार, खराब विद्युत पोल और बूढ़े हो चले अन्य जर्जर उपकरण आए दिन खराब हो जाते हैं। इससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बिगड़ जाती है। उपकेंद्र के बारीपुर और सीतामढ़ी फीडरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति होती है। लेकिन उपकेंद्र के आए दिन तकनीकी खराबी के साथ 33 केवीए पारेषण लाइन के तार, खंभे, अक्सर टूट कर गिर जाते हैं, केबल बॉक्स में भी खराबी आती रहती है। जिसके चलते कोनिया क्षेत्र के 50 गांवों के उपभोक्ता बिजली के लिए परेशान रहते हैं। कोनिया के उपभोक्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र में सप्ताह में महज तीन से चार दिन ही बिजली मिल पाती है जबकि बिजली बिल की मनमानी वसूली विभाग बराबर करता है। सरकार ने गांवों में बिजली आपूर्ति के लिए 18 घंटे का आदेश दिया है लेकिन कोनिया के गांवों में महज 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल पाती है। अधिशासी अभियंता विद्युत मनोज कुमार ने कहा कि ट्राली जलने के कारण आपूर्ति बाधित है। जरूरी उपकरण मंगाया गया है। सोमवार तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।