प्रदेश सरकार के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर हड़ताल के दूसरे दिन कर्मचारियों को संबोधित करते जिलाध्यक्ष धर्मराज यादव।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों के चल रहे हड़ताल से दफ्तरों में कामकाज ठप हो गया है। हड़ताल के चलते दूर दराज से आने वाले फरियादियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिना कोई काम हुए उन्हें कार्यालयों से बैरंग ही लौटना पड़ रहा हैं। उधर देर रात कर्मचारियों की हड़ताल वापस हो गई।
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए महामत्री रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के प्रति तानाशाही रवैया अपना रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का रवैया यही रहा तो आने वाले विस चुनाव में उसे भुगताना पड़ेगा। राकेश सिंह ने कर्मचारियों से आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहने के लिए कहा। वहीं दूसरी ओर हड़ताल का असर सरकारी दफ्तरों पर देखने को मिला। विकास भवन के बाल विकास एवं पुष्टाकार विभाग में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे डीघ के अरई गांव निवासी राम सजीवन राजभर की सुनवाई नहीं हो सकी। वह आंगनवाड़ी के बेहतर संचालन न होने की शिकायत करने आए थे लेकिन कार्यालय में कर्मचारियों के न रहने से बैरंग लौटना पड़ा। इसी तरह डीआईओएस कार्यालय आए औराई के जगन्नाथपुर निवासी इंद्रजीत को भी वैसे ही वापस आना पड़ा। आंदोलन में धर्मराज यादव, वीरेंद्र सिंह संतोष सिंह, याराम, रामआसरे यादव, सर्वेश शुक्ला, अशोक, पंचलाल, जटाशंकर, रमेश, सिकंदर, लल्लन आदि रहे।