ज्ञानपुर। शहर की तर्ज पर गांव में कूड़ा निस्तारण के लिए चयनित मॉडल गांव में अभी काम आधा भी नहीं हो सका है, लेकिन फर्मों के तालमेल से कूड़ा गाड़ी सहित अन्य उपकरण ब्लॉकों में पहुंचने लगे हैं। जिसको लेकर सचिव और प्रधान अनजान है। इसको लेकर प्रधानों ने नाराजगी जताई है। मामले में उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
स्वच्छ भारत मिशन के फेज-2 में जिले के 14 गांवों को पूर्व में मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया है। जिसमें करीब पांच करोड़ 71 लाख की लागत से रिकवरी रिसोर्स सेंटर, कंपोस्ट पिट और सूखा, गीला कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है। अब तक करीब 60 फीसदी काम पूर्ण हो सका है। वहीं दूसरी ओर फर्मों से तालमेल बनाकर जिला स्तर से ही कूड़ा गाड़ी की आपूर्ति शुरू हो गई है। सुरियावां ब्लॉक में कूड़ा गाड़ी की खेप आते ही ग्राम प्रधानों और सचिवों के कान खड़े हो गए हैं। शुक्रवार को कई ग्राम प्रधानों ने इस पर नाराजगी जताते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की। उनका आरोप है कि पंचायत स्तर से खरीद होने की बजाए जिले से ही आपूर्ति की जा रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश कुमार यादव ने कहा कि अभी मॉडल गांव का काम पूर्ण नहीं हो सका है। 90 फीसदी काम पूर्ण होने पर ही जरूरी उपकरण की खरीद होगी। ब्लॉक में कहां से कूड़ा गाड़ी आई है उसे दिखवाया जाएगा।