पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर भदोही कोतवाली में जुटे पुलिस कर्मियों को दंगा नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाले हाथ गोला, आंसू गैस, पेपर स्प्रे, रबर की गोली, नौ एमएम पिस्टल चलाने की विस्तार से जानकारी दी गई। क्षेत्राधिकारी भदोही एपी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के प्रयासों में पुलिस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आंसू गैस, रबर की गोली भी दागने की कला आनी चाहिए। रबर की गोली हमेशा कमर के नीचे चलाई जाती है। कमर के ऊपर सटीक लगने से किसी की मौत भी हो सकती है। आंसू गैस के बारे में बताया कि यह गैस हवा का रुख देखकर इस्तेमाल करना होता है। बताया कि गन में भरकर चलाने से पहले विचार करना चाहिए कि वह दंगाइयों तक पहुंचेगा अथवा नहीं। यह आंखों में तेजी से असर करता है। हाथ गोला के बारे में बताया कि इसे इस विधि से फेंकना रहता है कि दंगाइयों के पास जाकर गिरे। पेपर स्प्रे के बारे में बताया कि आंख और नाक में मिर्च की तरह लगता है। इसलिए इसके इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए ताकि आप स्वयं सुरक्षित रहें। शहर कोतवाल, अजय श्रीवास्तव ने विभिन्न उपकरण भी मौजूद कांस्टेबलों और पुलिस कर्मियों को दिखाया और इस बारे में जानकारी दी।