उप संभागीय परिवहन कार्यालय में पंजीकृत 466 वाहनों पर डेढ़ करोड़ से अधिक टैक्स बकाया है। वसूली के प्रति विभागीय उदासीनता और बकाएदारों की मनमानी से करीब पांच साल से लटका यह टैक्स जमा नहीं हो सका। नए उप संभागीय परिवहन अधिकारी ने आते ही टैक्स बकाए की वसूली की कवायद शुरू कर दी है। टैक्स को वसूलने के लिए विभाग कर्मचारियों को घर-घर भेजेगा। इसके बाद भी बकाया न जमा करने पर उनके खिलाफ आरसी जारी की जाएगी।
परिवहन विभाग में पंजीयन अधिकांश वाहनों के स्वामी टैक्स जमा करने में उदासीनता बरतते हैं, खुद का रसूख साबित करने के लिए भी जमा नहीं करते हैं। ऐसे वाहन स्वामियों के चलते विभाग में पंजीयन वाहनों की तादाद वर्तमान में 466 पहुंच चुकी है, वहीं इनका बकाया भी करीब डेढ़ करोड़ हो गया है। चूंकि परिवहन विभाग पर वसूली को लेकर दबाव रहता है। कर करेत्तर की मीटिंग में वसूली को लेकर अक्सर विभाग का ग्राफ नीचे रहता है। इसके मद्देनजर विभाग ने राजस्व वसूली के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत पहले विभाग के कर्मी वाहन और स्वामी के पते पर पहुंचकर कर्ज अदाएगी के लिए गुजारिश करेंगे। गुजारिश करने पर यदि जमा कर दिए तो नहीं तो उनके खिलाफ आरसी काटकर कानूनी तौर से वसूली की जाएगी।
उप संभागीय परिवहन अधिकारी सत्येंद्र सिंह यादव ने कहा कि वाहनों पर चल रहा बकाया राजस्व वसूली के तहत आता है, बकाया न जमा होने से समस्या होती है। ऐसे में विभाग की ओर से वसूली अभियान शुरू किया जा रहा है। बकाया टैक्स को वसूलने में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बताया कि बकाया खुद आकर जो जमा करेगा उसको राहत दी जाएगी।