एक सप्ताह पूर्व बदहाल माधोसिंह-त्रिलोकपुर मार्ग पर हुए विरोध-प्रदर्शन का कोई असर न जनप्रतिनिधियों पर पड़ा न तहसील, ब्लॉक प्रशासन और गांव की सरकार पर। रविवार को ग्रामीणों ने चंदा लगाकर गिट्टी और भस्सी डालकर राहगीरों की समस्या का समाधान कराया। समाजसेवी नावेद आलम ने बताया कि माधोसिंह बाजार की घनी आबादी से होते हुए मार्ग ग्रामसभा माधोसिंह, त्रिलोकपुर, भमौरा की सीमा से होकर चौरी, उगापुर कोट, मुख्य नहर, राजमार्ग को जोड़ता है। माधोसिंह मस्जिद के सामने मात्र तीन सौ मीटर मार्ग को जिम्मेदारों ने सीमा विवाद के चलते 15 वर्ष से छोड़ कर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगों, वाहन चालकों के आवागमन में रोड़ा बने हैं। घनी आबादी के कारण मार्ग दिन-रात चालू रहता है। बारिश के कारण मार्ग पांच फिट धंसकर कीचड़ का रुप लेने पर विरोध-प्रदर्शन कर तीनों ग्रामसभाओं के ग्राम प्रधान, एसडीएम, बीडीओ से शिकायत करने का कोई असर नहीं पड़ा। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपना दिखाने वालों को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। मार्ग पर गिट्टी, भस्सी गिरवाने में हाजी गुफरान अली, अबरार अहमद, रमजान अली, जमील, इश्तियाक अहमद, बनवारी कन्नौजिया, डा.बेलाल, दिलशाद, बब्बू, सारिक अली का विशेष योगदान रहा।