ज्ञानपुर। पशु तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी संग अब कालीन नगरी अपराधियों के लिए भी सेफ जोन बनती जा रही है। जिले में लंबे समय से वांछित कई इनामियां अपराधी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण करने को लेकर सरकार की ओर से भले ही तमाम दावे किए जा रहे हों, लेकिन स्थानीय स्तर पर हालात जुदा हैं। चोरी-छिनैती जैसे मामलों में गिरफ्तारी कर पीठ थपथपाने वाली पुलिस इनामिया अपराधियों के आसपास नहीं फटक पा रही। मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाने में वर्ष 2014 में तिहरे हत्याकांड का 50 हजार का इनामी अपराधी गोपीगंज के बरजी निवासी पिंटू गोपीगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर और लूट के वारदात में वांछित है। गंभीर अपराध के बाद भी छह साल में अपराधी की गिरफ्तारी को लेकर भदोही, मिर्जापुर की पुलिस हाफ रही है। भदोही कोतवाली में सतीश गुप्ता निवासी आलमपुर जनपद उन्नाव पर 2500 इनाम घोषित है। इस अपराधी को पुलिस वर्ष 2006 से खोज रही है। इसी कोतवाली क्षेत्र का राजकुमार उर्फ करिया निवासी रामरायपुर पर पांच हजार का इनाम है, जबकि दुर्गागंज क्षेत्र के अनिल कुमार निवासी बीरापुर पर 10 हजार, औराई कोतवाली में शत्रुघ्न निवासी आलमपुर बिहार और ऊंज के विद्याशंकर सहसीपुर पर भी इनाम घोषित है। शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी में पुलिस पीछे हो जाती है। अपर पुलिस अधीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है। वर्तमान में इनामियां अपराधी जिले में नहीं हैं। उनका लोकेशन लगातार ट्रेस किया जाता है।