सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तालाबों, सरकारी जमीन पर हुए कब्जे हटाने के लिए भले ही भू माफिया टास्क फोर्स का गठन किया है लेकिन जिले में अफसर अपनी गर्दन बचाने के लिए सफेदपोशों पर कार्रवाई से कतरा रहे हैं।
जिन मामलों में राजस्व विभाग के अभिलेख ही दूध का दूध और पानी का पानी कर दे रहे हैं वैसे मामलों में भी प्रशासनिक रवैया ढीला ही नजर आ रहा है, हालांकि पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय के तालाब पर बने दोनों शिक्षण संस्थानों के मामले में डीएम ने जांच रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
तालाब संरक्षण के लिए सुप्रीमकोर्ट ने भदोही के जिस तालाब की नजीर देते हुए आदेश सुनाया उसी जिले में तालाब संरक्षित नहीं रह गए हैं। 100-200 नहीं बल्कि एक हजार बीघे से अधिक तालाब की जमीन पर भूमाफिया कुंडली जमाए हैं। उगापुर के हिंछलाल तिवारी बनाम कमला देवी के अपील 4787/2001 पर सुप्रीमकोर्ट ने जुलाई 2001 में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। जिसमें तालाब, पोखरे, पठार, जंगल, चरागाह की जमीन पर होने वाले कब्जे को तत्काल हटाने के लिए आदेश दिया गया था।
उक्त आदेश के बाद औराई के एक कालीन निर्यातक की कोठी को ध्वस्त किया गया था। पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय के दोनों शिक्षण संस्थान जिस जमीन पर बने हैं वह खसरा-खतौनी के अलावा 41 और 45 में भी तालाब दर्ज हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से अब तक कार्रवाई न करने पर सवाल खड़े होने लगे हैं। वहीं दूसरी ओर पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय ने इसके पीछे बदनाम करने की साजिश का हवाला दिया। कहा कि ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के खिलाफ अवैध बालू खनन की शिकायत की तो उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप लग रहे हैं। जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि पांच दिन पूर्व शिकायत की गई है। अभिलेखों का परीक्षण कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट में मामला सही मिलने पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराने के साथ अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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राजस्व और शिक्षा विभागों के फसेंगे अफसर
ज्ञानपुर। तालाब की जमीन में अभिलेखीय हेरफेर कर समिति के नाम रजिस्ट्री करवाने और पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय के दोनों शिक्षण संस्थानों को मान्यता देने के मामले में राजस्व और शिक्षा विभाग के तत्कालीन अफसरों की गर्दन फंसनी तय मानी जा रही है। आराजी संख्या 521, 522 और 52 4 जो कि अभिलेखों में तालाब दर्ज है उसके अभिलेखों में छेड़छाड़ करने में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल के अलावा शिक्षा विभाग के डीआईओएस पर कार्रवाई की गाज गिरेगी।
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जिलाध्यक्ष पर भी लगे कब्जे के दाग
ज्ञानपुर। भाजपा के जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद पाठक पर भी तालाब पर अवैध कब्जे का दाग लग गया है। जिलाध्यक्ष के गांव अकोढ़ा के ग्राम प्रधान विनोद कुमार, जटाशंकर, सरिता, राजबली ने डीएम को पत्रक देकर आराजी नंबर 22 रकबे पर कब्जे का आरोप लगाया। कहा कि उक्त जमीन तालाब में दर्ज है। जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक ने कहा कि एक विधवा की जमीन पर प्रधान ने कब्जा किया था। उसे हटवाने के बाद उन पर मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं।