फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व प्रमुख के मामले ने लिया नया मोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर ब्लाक प्रमुख पद पर दो पक्षों के बीच मचा घमासान अब नया मोड़ लेने लगा है। गौरतलब हो कि चार दिन पहले ही ऊंज थाने में पूर्व ब्लाक प्रमुख आरती सिंह के पति अखिलेश्वर प्रताप सिंह उर्फ बबूल सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ गालीगलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देेेने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विज्ञापन

दरअसल मंगलवार को मुकदमा दर्ज कराने वाले रवि सेठ पुत्र शिवधनी सेठ ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह को शपथ पत्र देकर इस कार्रवाई को फर्जी बताया और मुकदमा वापस लेने की गुहार लगाई है। रवि सेठ ने एसपी को दिए अपने शपथ पत्र में कहा है कि पूर्व ब्लाक प्रमुख आरती सिंह के पति समेत चार लोगों पर दर्ज मुकदमा पूरी तरह से गलत है। बताया कि एक पक्ष ने वादी पर अनावश्यक रुप से दबाव देकर तहरीर दिलवाई है। जबकि पूर्व प्रमुख पक्ष पर सोशल मीडिया पर वायरल धमकी भरा वीडियो, मारपीट, जान से मारने की धमकी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। फर्जी मुकदमे में नामजद लोगों ने हमको न गाली दिया है न जान से मारने की धमकी दी थी। एसपी रामबदन सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर हकीकत सामने लाया जाएगा।
थाना पुलिस ने हलफनामा से किया इनकार
ज्ञानपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ज्ञानपुर ब्लाक से निर्वाचित होने वाले 111 बीडीसी में से प्रमुख पद पर दो दावेदारों की रंजिश का खामियाजा कहीं ऊंज थाने की पुलिस के दामन पर धब्बा न लगा दे। दरअसल अइनछ गांव निवासी और बीडीसी दीवान जी ने ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ रहें एक पक्ष के संपर्क में रहने वाले रवि सेठ के खिलाफ एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था । इस पर पुलिस ने कार्रवाई न करके उल्टा रवि सेठ की शिकायत पर एक दूसरे पक्ष चार लोगों को नामजद करा दिया जिसमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख ज्ञानपुर के पति भी शामिल हैं। जिला पंचायत के 26 और बीडीसी के कुल 661 सदस्यों को इतना महत्व दिया जा रहा है कि उनकी बोली लगाने वालों की कमी पड़ ही रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख पद के लिए एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर फर्जी मुकदमे तक कायम करा दिए जा रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक ऊंज एसके त्रिपाठी ने कहा कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है जिसकी जांच चल रही है। हलफनामा लेने का अधिकार कोर्ट को है थाना को नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें