सीमा पर पाकिस्तानी सेेना की बर्बरता पर मंगलवार को जिले में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय सेना के जवानों के शव के साथ की गई अमानवीय हरकत से नाराज लोगों ने पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। कहा कि अब समय आ गया है कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में करारा जवाब दिया जाए। कहा कि जवानों के खून का एक भी कतरा बेकार नहीं जाने देना चाहिए।
कश्मीर की कृष्णा घाटी में सेना के जवानों के शव से बर्बरता को लेकर देश का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। हर वर्ग के लोग पाकिस्तान के खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। मंगलवार को घटना के विरोध में उतरे जिलेवासियों ने केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। कहा बहुत हो गया, अब पाकिस्तान पर अविलंब हमला कर उसे सबक सिखाएं। नागरिक बुल्लू बिंद और महेंद्र पटवा के नेतृत्व में दर्जन भर से अधिक लोग पाकिस्तान मुर्दाबाद, नवाज शरीफ मुर्दाबाद का नारा लगाते हुए सड़क पर उतर गए
। कहा कि देश के सपूत सीमाओं पर रात भर चौकसी बरतते हैं तो देश की 121 करोड़ जनता चैन से सोती है। पाक प्रायोजित आतंकवादी और पाक सेना आए दिन देश के जवानों की हत्या कर रही है। पत्थरबाज उनसे बदसलूकी कर रहे हैं, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार चुप बैठी है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तरह चुप बैठने के लिए 2014 में भाजपा की सरकार नहीं चुनी गई थी। पाक के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाया गया तो 2019 में भाजपा को इसका अंजाम भुगतना होगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश की जनता सबकुछ सह लेगी, लेकिन सैनिकों का अपमान नहीं देख पाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री अरुण जेटली और गृहमंत्री राजनाथ सिंह इस मामले में कोई ठोस निर्णय लेते हुए पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सेना को खुली छूट देनी चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में अधिवक्ता कृष्ण कुमार मिश्र, राजेश श्रीवास्तव, मुरलीधर दूबे, ज्ञानेंद्र कुमार श्रीवास्तव, बाबा जायसवाल, संजय पाल, आलम, जावेद आदि शामलि रहे।