09 पल्हना के करसड़ा में निर्माणाधीन पानी की टंकी। संवाद
आजमगढ़। हर घर जल योजना में कराए गए कार्यों का भुगतान न होने से योजना की रफ्तार धीमी हो गई है। लगभग 285 करोड़ का भुगतान लटकने से कई स्थानों पर कार्यदायी संस्थाएं और ठेकेदार काम करने से कतरा रहे हैं क्योंकि वह वर्करों को उनकी मजदूरी नहीं दे पा रहे हैं। जिले में कुल 4293 करोड़ रुपये की लागत से 1459 पेयजल परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इन पेयजल परियोजनाओं से चयनित 3818 राजस्व गांवों में नल से जल पहुंचाना है। इसमें पाइप लाइन बिछाने, घर-घर नल कनेक्शन देने के काम लगभग पूरे हो चुके हैं। अब ओवरहेड टैंकों के बनाने पर जोर है लेकिन पिछले डेढ़ सालों से शासन स्तर पर भुगतान लटकने से कार्य धीमा हो गया है।
महराजगंज, तरवा, रानी की सराय, पल्हनी, पवई, बिलरियागंज, मेंहनगर, लालगंज, सठियांव, पल्हना आदि ब्लॉकों के कई गांवों में पैसे के अभाव में सबसे ज्यादा परियोजनाएं लंबित हैं। हालांकि विभाग 94.42 प्रतिशत काम होने और 3818 राजस्व गांवों के सापेक्ष 1591 राजस्व गांवों में रेगुलर पानी की सप्लाई करने की बात कर रहा है। परियोजनाओं का काम धीमा होने से ग्रामीण भी बेचैन हैं। कई जगहों पर गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं।