धार्मिक नगरी मिर्जापुर और विंध्याचल के बीच बहने वाली ओझला नदी अब शहर की नई पहचान बनने जा रही है। नगर पालिका परिषद की पहल पर ओझला नदी के किनारे अत्याधुनिक रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। करीब 17 करोड़ रुपये की इस परियोजना का प्रस्ताव जल निगम (नगरीय) ने शासन को भेज दिया है।
शासन स्तर से परियोजना को हरी झंडी मिल चुकी है। बजट जारी होने पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। रिवर फ्रंट बनने से न केवल शहर की सुंदरता में चार चांद लगेंगे, बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय स्तर पर रोजगार को भी नई गति मिलेगी। नगर पालिका को भी राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।
जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि ओझला पुल से गंगा तक लगभग 400 मीटर क्षेत्र में आकर्षक पक्का घाट बनाया जाएगा। नदी के दोनों किनारों को जोड़ने के लिए पैदल पुल का निर्माण होगा। इससे पर्यटक नदी का मनोरम दृश्य करीब से देख सकेंगे।
परियोजना के तहत चेकडैम, संगीतमय फाउंटेन, आधुनिक लाइटिंग, सेल्फी पॉइंट, बैठने की व्यवस्था और नौकायन (बोटिंग) आदि की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। रिवर फ्रंट के निर्माण के बाद विंध्याचल धाम आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां भी समय बिताएंगे। इससे होटल, रेस्टोरेंट, नाव संचालन, फोटोग्राफी, खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य छोटे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी का कहना है कि यह परियोजना मिर्जापुर को धार्मिक पर्यटन के साथ आधुनिक पर्यटन मानचित्र पर भी नई पहचान दिलाएगी। शहर के लोगों को सुबह-शाम सैर, व्यायाम और मनोरंजन के लिए एक बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलेगा। साथ ही सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए भी यह क्षेत्र उपयोगी साबित होगा।
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जॉगिंग ट्रैक, पार्क और वेंडिंग जोन भी होंगे विकसित
मिर्जापुर। ओझला रिवर फ्रंट परियोजना के तहत आधुनिक जॉगिंग ट्रैक, आकर्षक पार्क और वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे। नदी किनारे हरियाली के बीच लोगों के टहलने और व्यायाम के लिए विशेष ट्रैक बनाया जाएगा, जबकि परिवारों और बच्चों के लिए पार्क भी तैयार होगा।
परियोजना में विभिन्न स्थानों पर वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे, जहां स्थानीय दुकानदारों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को दुकानें आवंटित की जाएंगी। इससे मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को खान-पान व स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। साथ ही स्थानीय युवाओं और छोटे व्यापारियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नगर पालिका को भी दुकानों और अन्य सुविधाओं से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।
श्याम सुंदर केशरी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, मिर्जापुर ने कहा कि हमारा प्रयास है कि अपने नगर में इको टूरिज्म की व्यवस्था हो। इसके लिए शासन से हरी झंडी भी मिल गई है। ओझला नदी के किनारे अत्याधुनिक रिवर फ्रंट विकसित होने से हमारे नाविक समाज के साथ ही कई और लोगों को रोजगार मिलेंगे। नगर पालिका के आय में भी बढ़ोतरी होगी। अरविंद कुमार चौधरी, अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय ने कहा कि ओझला नदी के किनारे अत्याधुनिक रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए नगर पालिका परिषद की पहल पर करीब 17 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेज दिया गया है। इसको स्वीकृति मिल चुकी है। बजट उपलब्ध होते कार्य शुरू करा दिया जाएगा।